हाल शिक्षा विभाग का:22 वर्ष में 11 स्कूलों को नहीं मिली जमीन 13 भवनहीन, दूसरे स्कूल में किया टैग

सिकटीएक महीने पहले
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उच्च विद्यालय रामनगर पोठिया। - Dainik Bhaskar
उच्च विद्यालय रामनगर पोठिया।
  • खोले गए थे 45 नए विद्यालय, वर्ष 1999 से अब तक भूमिहीन

शिक्षा विभाग विद्यालय दूर होने के कारण स्कूल नहीं आने वाले छात्रों के लिए उनके टोले में विद्यालय खोल उनकी समुचित पढ़ाई की व्यवस्था करने के लिए नए विद्यालय का श्रृजन किया। पहले तो येन प्रकारेण विद्यालय खोले गए। तब हुआ कि जमीन खोज कर उनका भवन बनाया जाएगा। लेकिन अपना भवन का सपना वर्ष 1999 से अब तक पूरा नहीं हो सका। केवल सिकटी में कई भवनहीन विद्यालयों के लिए 22 साल से जमीन की तलाश पूरी नहीं कर सकी। 1999 में प्रखंड में 45 नए विद्यालय बनाए। पर आज भी 13 विद्यालय भूमिहीन और 11 विद्यालय भवनहीन है। अब एक नए नियम के तहत भवनहीन व भूमिहीन विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों में टैग कर दिया गया है। सिकटी में आज भी चार विद्यालय सामुदायिक भवन में चलता है। जिससे छात्रों को दूर जाकर पढ़ने में परेशानी हो रही है।

विभाग के पास पैसा नहीं रहने के कारण नहीं बना भवन, कई जगह पंचायत भवन में पढ़ाई
शिक्षा विभाग के कर्मी ने बताया कि पूर्व में विभाग के पास पैसा नहीं रहने के कारण न तो भवनहीन विद्यालयों का भवन नहीं हो सका और न हीं विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण हो सका। उन्होंने बताया कि अब सभी मुखिया को पत्र के माध्यम से भवनहीन विद्यालयों के लिए जमीन चिह्नित करने को कहा गया है। सिकटी में 54 मवि व 95 प्राथमिक विद्यालय है। जिनमें 11 प्राथमिक विद्यालय आज भी भवनहीन है। जबकि 13 प्राथमिक विद्यालय के पास भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इन भवनहीन व भूमिहीन विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों में टैग कर दिया गया है। जिसमें चार विद्यालय को बगल के सामुदायिक भवन में चलाया जा रहा है। क्योंकि टैग करने पर विद्यालयों की दूरी ज्यादा हो जाती थी। दूरी कम करने के लिए पंचायत भवन को ही विद्यालय का रूप दे दिया गया है।

सामुदायिक भवन में न तो शौचालय और न ही किचन
सड़क के किनारे, सामुदायिक भवन और दूसरे भवन में चलने वालों स्कूल की सबसे अधिक परेशानी मिड-डे-मिल के साथ ही शौचालय की होती है। सड़क के किनारे बने सामुदायिक भवन में किचन की कोई व्यवस्था नहीं है और न तो शौचालय की हीं व्यवस्था है। महंथ कचहरी के पास सामुदायिक भवन में विद्यालय चल रहा है। रामनगर नवटोली प्रावि टीना के छत में चलाया जा रहा है। प्रावि पलासमनी ऋषिदेव टोला में ग्रामीणों के सहयोग से घर बनाकर विद्यालय चलाया जा रहा है।

क्या कहते हैं छात्र व अभिभावक
छात्र विवेक कुमार, छात्रा आरुषी कुमारी ने बताया कि रामनगर नव टोली में टीना के छत में पढाई होती है। हमलोगों को मवि रामनगर पोठिया जाने में बहुत दूरी है। यहां पर न तो शौचालय की व्यवस्था है और न हीं किचन शेड की। उन्होंने विभाग से विद्यालय भवन बनाने की मांग की है ताकि छात्र छात्राओं को परेशानी न हो। वहीं अभिभावक रासमोहन यादव ने बताया कि आस पास में विद्यालय नहीं है। यदि इस विद्यालय को दूसरे विद्यालय में टैग किया जाता है तो यहां के अधिकांश बच्चे ज्यादा दूरी होने के कारण विद्यालय में पढ़ने नहीं जा पायेंगे। जिस कारण रामनगर नवटोली में झोपड़ी में विद्यालय चलता है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग को इस ध्यान देकर विद्यालय का भवन का निर्माण करना चाहिए ताकि यहां के बच्चों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।
भूमि उपलब्ध कराने के लिए भेजा जा रहा नोटिस
शिक्षा विभाग के कर्मी न बताया कि जिस विद्यालय के पास जमीन नहीं है संबंधित पंचायत के मुखिया को भूमि उपलब्ध कराने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। तथा जिन विद्यालयों के पास भवन नहीं है अब वैसे विद्यालय को भवन उपलब्ध कराया जायेगा। सिकटी प्रखंड के फिल्ड हाट टोला विद्यालय के पास रास्ता नहीं था। जिसे मवि कठुआ में टैग कर दिया गया है। वहीं आदर्श मध्य विद्यालय बरदाहा के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि जो भी विद्यालय को टैग किया गया है। उस विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण छात्र नहीं पहुंच पा रहे हैं।वहीं इस संबंध में बीईओ से सम्पर्क का प्रयास विफल रहा।

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