आर्थिक संकट का असर:सीमापार से नेपाली ग्राहकों के आने से भारतीय बाजार हुआ महंगा

सिकटी9 दिन पहले
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  • नेपाली ग्राहकों के आवक तेज होने से एक माह के अंदर खाद्य सामग्री के दामों में 15-20 फीसद बढ़ी महंगाई

नेपाल में आर्थिक संकट गहराने का प्रभाव सीमा से सटे बाजारों में भी प्रभाव पड़ने लगा हैं। नेपाली ग्राहकों के आवक तेज होने से बीते एक माह के अंदर सीमावर्ती बाजारों में खाद्य पदार्थों के 15 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है। दैनिक भास्कर संवाददाताओं ने जब सीमावर्ती बाजारों में उपलब्ध समानों के भाव की पड़ताल की तो पाया कि पहले के मुकाबले अभी के कारोबार में लगभग 15-20 प्रतिशत का उछाल आया है। वहीं भारतीय बाजारों में पहुंचे नेपाली ग्राहकों का कहना है कि रोजमर्रा के सामान खरीदने पर नेपाल के लोगों को अच्छी-खासी बचत हो रही है। वहीं भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र के दुकानदारों का कहना है कि हमलोगों के नेपाल के 90 प्रतिशत ग्राहकों पर निर्भर है। कई दुकानदारों ने बताया कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर गरीबी रेखा से नीचे लोग जीवन गुजर बसर करते हैं। जिसके कारण नेपाली ग्रामीण कम कीमत वाली समानों की खरीदारी करते हैं। कुछ लोग ही अच्छे ब्रांड के सामान खोजते हैं।

इस वित्त वर्ष में उच्च व्यापार में 18 बिलियन डॉलर का घाटा
मधेशी विधायक शिवनारायण सिंह ने बताया कि नेपाल की अर्थव्यवस्था पहले से ही संकट में है। हालांकि अभी श्रीलंका जैसी स्थिति नहीं बनी है। इस वित्त वर्ष में उच्च व्यापार घाटा 18 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। जिसे अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख जोखिम माना जा सकता है।

इन बाजारों में नेपाल के लोग करते हैं खरीदारी : सीमावर्ती क्षेत्र के बाजारों में नेपाल के लोग खरीदारी करने आते हैं। जिसमें सिकटी, कासत, उफरैल, करिया चौक, कुआडी, कलियागंज, किशनगंज जिला के झाला चौक, जोगबनी, फुलकाहा आदि।

एक माह में बढ़े सामग्री की कीमत खुदरा में

अभी पहले 1.चीनी - 42 - 38 2. सरसों तेल - 175 - 146 3. राहड दाल- 110 - 100 4. मसूर दाल - 90 - 85 5. फरचून - 200 - 180 6. चावल - 1070 - 950 7. मीर्च पाउडर - 240 - 220 8. धनिया पाउडर-155 - 135 9. हल्दी पाउडर -145 - 130 10. नमक - 17 - 10

आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उद्योग जरूरी
क्षेत्र संख्या दो के सांसद नारायण सिंह ने बताया कि सांसद मोरंग ने बताया कि नेपाल सरकार को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिये नेपाल में उद्योग लगाना चाहिए तब जाकर नेपाल की आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगी। नेपाल का अर्थ व्यवस्था खराब होने के कारण नेपाल में धीरे धीरे स्थिति खराब होते जा रहा है। नेपाल की स्थिति को सुधारने के लिये नेपाल सरकार को कड़ा कदम उठाना पडेगा।

नेपाल की समस्या ज्यादातर बढ़ते आयात से संबंधित
नेपाल की राजनीति से जुड़े नागेश्वर सिंह ने बताया कि इस समय वैश्विक स्तर पर ही आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। नेपाल पर इसका असर होना लाजिमी है। अर्थ सूचकांक बिगड़ने के कारण देश की अर्थव्यवस्था संकट की ओर बढ़ रही है। लेकिन अभी तक गंभीर स्थिति में नहीं पहुंची है। निर्यात की तुलना में आयात में भारी बढ़ोतरी हुई है।

नेपाल के विदेशी मुद्रा भंडार में आई कमी
नेपाली कांग्रेस के सोनवर्षा नगरपालिका के मेयर यज्ञ कारकी, अनवार आलम, श्याम राजवंशी, सदानंद यादव ने बताया कि नेपाल में मार्च 2022 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार महज 975 करोड़ डॉलर रह गया. जुलाई 2021 में ये 1175 करोड़ डॉलर था। करीब सात महीनों में नेपाल के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 200 करोड़ डॉलर यानी 24 हजार करोड़ नेपाली रुपये कम हो गए हैं। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा योगदान होता है।

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