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अफसर नहीं करते कार्रवाई:कईया पंचायत निर्माण के सात वर्ष बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र शुरू नहीं हुआ, दबंग लोग कर रहे इस्तेमाल

मानपुर9 दिन पहलेलेखक: अजय सिंह
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जर्जर हाल में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन - Dainik Bhaskar
जर्जर हाल में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन

बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ ही कुपोषण दूर करने में अहम भूमिका निभाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र को सरकार द्वारा हाईटेक बनाने की कवायद की जा रही है, लेकिन महिला विकास विकास विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की मंशा फलीभूत होती नजर नहीं आ रही है। अधिकारियों की उदासीनता का आलम यह है कि प्रखंड में एक ऐसा भी आंगनबाड़ी केन्द्र है, जिसका निर्माण सात साल पहले कराया गया।

परंतु, अब तक उसका उद्घाटन नहीं हुआ, न ही वहां आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया गया। लेकिन, उक्त भवन में आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के लिए भवन के मेंटेनेंस करवाने की नौबत आ गई। मामला कईया पंचायत के विसार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 14 का है। पवर्ष 2014-15 में पांच लाख रुपए की लागत से उक्त आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया था।

निर्माण के बाद से ही उक्त केंद्र में ताला बंद है और चाबी कहां है। उद्घाटन नहीं होने के कारण सात वर्ष बाद भी केंद्र संख्या 14 अन्यत्र संचालित है। नतीजतन स्थानीय दबंग लोग इसका इस्तेमाल अपने काम के लिए कर रहे हैं।

कई बार अनुरोध के बावजूद पर्यवेक्षक व सीडीपीओ नहीं करवा रही भवन का उद्धाटन

मामले को लेकर सेविका प्रभा देवी ने बताया कि उद्घाटन के लिए दर्जनों बार पर्यवेक्षक सहित सीडीपीओ से अनुरोध किया गया। लेकिन, इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि निर्मित केंद्र को केवल चुनाव के वक्त खोल कर साफ-सफाई किया जाता है। ऐसे में मामले की जानकारी होने के बावजूद बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित अन्य वरीय अधिकारियों का यह रवैया उनकी कर्तव्य निष्ठा और मंशा पर सवाल खड़ा कर रहा है।

किराए पर किया जा रहा केंद्र का संचालन

सेविका की मानें तो सरकारी भवन होने के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन रविदास टोला में किराए के मकान में किया जा रहा है। इसका किराया भी अपने पास से देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पहले इस छोटे से कमरे में बमुश्किल 40 बच्चे बैठते थे। वर्तमान में केवल 20 बच्चे हैं। वर्तमान स्थिति में केंद्र की शिफ्टिंग होने से पहले इसकी मरम्मत करवाना होगा। इस बाबत मुखिया विजय ठाकुर ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मती के लिए खाते में राशि उपलब्ध है।

12 पंचायतों में संचालित 151 आंगनबाड़ी केंद्रों में से मात्र 71 के पास है अपना भवन

विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रखंड के 12 पंचायतों में कुल 151 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से मात्र 71 केंद्र ही अपने भवन में संचालित हैं। वहीं 54 केंद्र किराए के कमरे में संचालित हैं। कर्मियों की माने तो लगभग 20 ऐसे केंद्र है जो या तो किसी स्कूल में है या फिर किसी सामुदायिक भवन अथवा पंचायत भवन में चल रहे हैं। जबकि छह केंद्र अभी भी अधूरा है, जिसे पूरा करवाने में किसी की दिलचस्पी नहीं है। इस संबंध में सीडीपीओ शांति राय से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कर्मचारियों ने बताया कि वे ट्रेनिंग में है।

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