कार्रवाई:100 पेज के बैंक स्टेटमेंट से बड़े शराब माफिया तक पहुंची औरंगाबाद पुलिस

औरंगाबाद/अंबा2 महीने पहले
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शराबबंदी के इतिहास में देश के सबसे बड़े शराब माफिया को पुलिस ने धर दबोचा है। मद्य निषेध के स्पेशल टीम व औरंगाबाद पुलिस के अब तक की सबसे बड़ी सफलता है। सफलता की कहानी भी रोचक है। 100 पेज के बैंक स्टेटमेंट से अंबा थाने के एसआई सुबाेध कुमार ने इस शराब माफिया के बारे में पता लगाया। इसके बाद शराब माफिया पर शिकंजा कसा। करीब 20 माह बाद गुवाहाटी के पांच सितारा होटल से दोनों शराब माफिया को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार शराब माफियाओं में बुलंद शहर के नया गांव निवासी सुनील भारद्वाज उर्फ सुनील कुमार शर्मा व अरूणाचल प्रदेश के ईटानगर निवासी दोरजी फुन्सो करीम शामिल है। उक्त दोनों शराब कारोबारियों पर बिहार के अलग-अलग आठ जिलों में 22 मामले शराब तस्करी के दर्ज है। इनके पास शराब बनाने वाली 20 वैद्य कंपनी है। जो गोआ के लिए शराब बनाती है। जबकि 10 अवैध कंपनी है। जहां से स्पिरिट तैयार कर बिहार में सप्लाई करते हैं। जिले के शराब कारोबारी डेढ़ साल में करीब पौने तीन करोड़ के शराब इस कारोबारी से खरीद किए हैं।

विधानसभा चुनाव लड़ चुका है सुनील, दुबई में करोड़ों निवेश
पुलिस के हत्थे चढ़ा देश का सबसे बड़ा शराब माफिया सुनील शर्मा बुलंद शहर यूपी का रहने वाला है। फिलहाल वह ग्रेटर नोएडा में रहता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसका राजनीतिक रसूख भी बहुत उंच्चा है। वह इंटर पास है। सेना की नौकरी छोड़कर आया है, लेकिन यूपी शयाना विधानसभा से एक बड़े दल के टिकट से चुनाव लड़ चुका है। जबकि करीम की मां अरूणाचल प्रदेश में सीनियर आईएएस हैं। इन दोनों के शराब कंपनी का टर्नओवर 400 करोड़ है। सुनील का बेटा लंदन में पढ़ता है। जबकि दुबई में लग्जरी मकान है।

  • पुलिस के हत्थे चढ़ा सुनील इंटर पास, यूपी में लड़ चुका है विधानसभा चुनाव
  • दोरजी करीम की मां सीनियर आईएएस, इनके कपंनी का टर्नओवर 400 करोड़
  • एसपी बोले-रिमांड पर लेकर करेंगे पूछताछ, ये देश के सबसे बड़े शराब माफिया

20 माह पहले स्पिरिट लदा पकड़ाया था ट्रक, पकड़ाये तस्कर से की थी बात
पुलिस के हत्थे चढ़ा देश के सबसे बड़ा शराब माफिया सुनील और दोरजी करीम की गिरफ्तारी अंबा थाने में दर्ज कांड संख्या 34/21 में हुई है। 24 मार्च 2021 को अंबा चौक पर स्पिरिट लदा एक ट्रक पकड़ाया था। ट्रक में तहखाना बनाया हुआ था। चालक गिरफ्तारी के बाद मदनपुर, गया, पलामू, नालंदा समेत कई कारोबारियों का नाम खोला था। मदनपुर के रहने वाले शराब माफिया का नाम सामने आया था। उनलोगों के मोबाइल नंबर खंगालने पर यह सामने आया कि सुनील व दोरंजी करीम दोनों उनलोगों से बात की थी।

पुलिस को यहीं से लीड मिली, लेकिन इससे किसी को पकड़ा नहीं जा सकता था। फिर अंबा थाने के एसआई इस कांड के अनुसंधानकर्ता सुबोध ने 100 पेज का बैंक स्टेटमेंट सुनील का निकाला। जिसमें यह पता चला कि यहां के शराब तस्कर उसी से शराब खरीद रहे हैं। पुलिस को यह पुख्ता प्रमाण मिल गया, देश के सबसे बड़ा शराब माफिया को पकड़ने के लिए।

एसपी बोले-रिमांड पर लेंगे
ये शराबबंदी के इतिहास में सबसे बड़ी सफलता है। जल्द ही दोनों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट से अपील करेंगे। इसके बाद पूछताछ की जाएगी। क्योंकि इसके संपर्क में लोकल कई शराब तस्कर जुड़े हुए हैं। पुलिस को मामूली पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है। रिमांड के बाद साफ होगा कि जिले के कितने शराब माफिया इसके संपर्क में थे और कौन-कौन इनके मददगार हैं। इसके बाद आगे गिरफ्तारी होगी। -कांतेश कुमार मिश्रा, एसपी

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