औरंगाबाद में माता-पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास:पेंशन के रुपयों के लिए पिता से की थी मारपीट, बचाने आई मां को भी मारा था

औरंगाबाद2 महीने पहले
प्रतीकात्मक फोटो।

औरंगाबाद में माता-पिता के हत्यारे को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। यह फैसला औरंगाबाद सिविल कोर्ट के जिला जज रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने दाउदनगर थाना कांड संख्या 108/16 में सुनाया है। अभियुक्त अरूण कुमार सिंह दाउदनगर थाना के मखमूलपुर टोला बड़का बिगहा गांव का रहने वाला है।

लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि अभियुक्त अरूण कुमार सिंह 26 जुलाई 2016 से जेल में बंद है। जघन्य अपराध के कारण न्यायालय द्वारा जमानत नहीं दी गई थी। IPC की धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास व 50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर आजीवन कारावास की सजा होगी।

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि 18 अक्टूबर 2016 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। कहा गया था कि इलाज के क्रम में अभियुक्त के माता-पिता की पीएमसीएच में मृत्यु हो गई थी। आरोप पत्र अभियुक्त के खिलाफ भादंसं धारा 302 के अंतर्गत न्यायालय में पेश किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, महत्वपूर्ण गवाहों के गवाही के आधार पर अभियुक्त को 23 नवंबर को माता-पिता के हत्या का दोषी करार दिया गया था।

प्राथमिकी सूचक अभियुक्त के बड़े भाई अशोक कुमार सिंह ने दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि कि मां कौश्ल्या देवी व पिता राधे श्याम सिंह से मेरा छोटा भाई अरूण कुमार सिंह पेंशन का रूपया मांग रहा था। नहीं देने पर पिता के साथ मारपीट की। बचाने आयी मां पर भी हमला कर दिया। जिससे दोनों घायल हो गए थे और इलाज के दौरान दम तोड़ दिए थे।

नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप के आरोपी को दस साल की कारावास

औरंगाबाद के पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से रेप के आरोपी को दस साल की सजा सुनाई है। मामला फेसर थाना कांड संख्या 95/20 का है। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि अभियुक्त को 19 नवंबर 2022 को दोषी पाते हुए जेल भेज दिया गया था। मामले में डाक्टर, आईओ, सहित सात गवाहों ने गवाही दी थी।

कोर्ट ने IPC की धारा 366ए में पांच साल की सजा और चार हजार रुपया जुर्माना लगाया है। धारा 363 में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपया जुर्माना लगाया है। साथ ही पोक्सो एक्ट की धारा 4 में दस साल की सजा और पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया है। जबकि जुर्माना न देने पर छः माह अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा दी है।

मामले में अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि नाबालिग पीड़िता के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सूचक ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने अपने दो मित्रों के साथ मिलकर पीड़िता का अपहरण कर लिया और पटना ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए थे। फिर कई दिनों तक साथ रखकर फेसर लाकर छोड़ दिया था।

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