औरंगाबाद की मिष्टी ने तय किया इटली तक का सफर:आर्थिक परेशानी से मजबूर मां लगा रही है गुहार, कहा- इटली भेजने के लिए नहीं है पैसे

औरंगाबाद10 दिन पहले
औरंगाबाद की मिष्टी ने तय किया इटली तक का सफर

औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड स्थित पचोखर गांव जहां कभी नक्सलियों की हुकूमत चलती थी। जहां नक्सलियों के फरमान पर विद्यालय तक कई दिनों तक बंद हो जाते थे। नक्सलियों के द्वारा देव क्षेत्र में कही भी एक पर्ची भी बंदी की फेंक दी जाती थी तो अगले आदेश तक उस क्षेत्र के दुकान तक बंद हो जाते थे।भय का आलम यह था कि प्रशासनिक तामझाम के बाद भी लोग मतदान तक नही करने जाते थे, लेकिन सत्ता बदली तो परिस्थितियां बदल गई और इस क्षेत्र में अमन चैन कायम हो गया।

नन्ही उम्र में झटके कई मेडल

स्थितियां बदलते ही युवा की प्रतिभा निखारने लगी और वे अपनी योग्यता का डंका बजा रहे है। यही की मिट्टी में पली बढ़ी पचोखर की चार वर्षीय बेटी मिष्टी ने अपनी नृत्य की प्रतिभा से इटली का सफर तय किया है। मिष्टी के पिता पूर्णिया में कार्यरत है और आर्थिक रूप से काफी कमजोर होने के बाद भी अपनी बेटी को नृत्य के उस मुकाम तक पहुंचाया जहां जाना सोच से बाहर था। बिहार के विभिन्न डांस कंपीटिशन में अपनी नृत्य का जलवा बिखेरते हुए मिष्टी ने कई मेडल अपनी इस नन्ही उम्र में ही झटक लिए है।

इटली भेजने के लिए नहीं है पैसे

बिहार से चयनित होकर उसने हाल में ही जालंधर में 8 जनवरी को फिट इंडिया डांस स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ इंडिया एंड डांसिंग लायंस स्कूल ऑफ परफॉर्मेंस आर्ट के बैनर तले आयोजित वर्ष 2022-23 के 9th नेशनल डांस स्पोर्ट्स फेस्टिवल में गोल्ड मेडल प्राप्त कर इटली का सफर तय कर लिया है, लेकिन मिष्टी के परिजनों को यह चिंता सता रही है कि वह अपनी बेटी को इटली कैसे भेजे।आर्थिक कठिनाई ने उनके पांव में जंजीर पहना रखा है और उनके सपने टूटने के कागार पर पहुंच रहे है।ऐसे में उसकी मां एवं ममेरे भाई ने लोगों से मदद की अपील की है ताकि मिष्टी इटली का सफर तय कर डांस विधा में देश का नाम रौशन कर सके।

खबरें और भी हैं...