घरों पर लगाएं पोषण वाटिका:कृषि विज्ञान केन्द्र, सिरिस परिसर में पोषण अभियान कार्यक्रम का आयोजन

औरंगाबाद नगर19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कार्यक्रम में मौजूद आंगनबाड़ी सेविका - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम में मौजूद आंगनबाड़ी सेविका

कृषि विज्ञान केन्द्र, सिरिस परिसर में पोषण अभियान एवं पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उद्घाटन डीएओ रणवीर सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान कृषि विज्ञान केन्द्र, सिरिस डॉ नित्यानंद, इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार , एवं सीडीपीओ आशा सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ नित्यानंद ने मानव जीवन में पोषण तत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पोषण का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। इसे हम प्रत्येक दिन अपनी छोटी बड़ी सावधानियों से सुधार कर सकते हैं। पोषण को लेकर लोगों को खानपान के साथ-साथ अपने खेतो एवं बगीचों में पोषण तत्व से संबंधित अनाज, सब्जी एवं फलों को लगाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बाकी भोजनों के साथ-साथ मोटे अनाज का भी हमारे जीवन काल में बहुत बड़ा महत्व है। जिसमें मडु़आ, बाजरा, कोदो, चिन्ना, मक्का का खासा महत्व है और इसे भी अपने भोजन में हर हाल में शामिल करना है। उन्होंने बताया कि इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक एवं एंटीऑक्सीडेंट समेत कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद है।

प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण जागरूकता अभियान
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा । जिसमें पोषण वाटिका से संबंधित विशेष जानकारी महिलाओं को दी जाएगी ताकि वह अपने जीवन काल में इसका उपयोग कर सकें। डॉ सुनीता कुमारी ने किसानों को अपने दैनिक खाध पदार्थों मे मशरूम को अवश्य अपनाने की बात कही। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने किसानों को मौसम पूर्वनुमान के बारे मे विधिवत जानकारी दिए। जिससे किसानों को आगे आने वाले पांच दिनों की मौसम के जानकारी के साथ साथ खेती की सम्पूर्ण जानकारी हर समय उनको मिलती रहेगी। पोषकीय फलदार वृक्षों का वितरण भी किया गया।

पोषण का उपयोग सबसे पहले घर के महिलाओं से शुरू होता
डीएओ ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से लगातार लोगों के लिए कार्य किया जा रहा है। खासकर खेती एवं साग सब्जियों पर विशेष तौर पर जानकारी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि पोषण का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। इसका उपयोग सबसे पहले घर के महिलाओं से शुरू होता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को ही जागरूक कर एक स्वस्थ महिला से स्वास्थ्य परिवार का निर्माण किया जा सकता है।

खबरें और भी हैं...