वैशाख मास की पूर्णिमा 16 मई को:भगवान विष्णु की पूजा करने पर विशेष फल

औरंगाबाद10 दिन पहले
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हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास की पूर्णिमा 16 मई दिन सोमवार यानी कल है। ग्रंथ और पूर्वजों के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। बुद्ध को विष्णु भगवान का 9वां अवतार माना जाता है। इसलिए वैशाख मास की पूर्णिमा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

16 मई को चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण बताया जा रहा है। पर इस चंद्र ग्रहण को भारत के किसी भी भाग से देखा नहीं जा सकेगा। 16 मई को बनने वाले सभी संयोग के कारण वैशाख पूर्णिमा का महत्व और भी विशेष है। इस दिन को भगवान बुद्ध के धरा अवतरण दिवस की वजह से बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

वैशाख पूर्णिमा का महत्व
हिंदू धर्म के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। वैशाख पूर्णिमा के दिन सोमवार को पड़ने की वजह से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विशेष फल मिलेगा। 16 मई को लगने वाले चंद्र ग्रहण की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। बौद्ध धर्म को मानने वाले भगवान बुद्ध के जन्मोत्सव को बड़ी ही उत्साह के साथ मनाते है।

वैशाख पूर्णिमा पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना
पंडित राजेश पांडेय ने कहा कि सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। हो सके तो पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। नहाने के बाद घर के मंदिर में दीप जलाएं। अगर आप से संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें। सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से सनान कराए। वैशाख पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना का विशेष महत्व होता है। वैशाख पूर्णिमा पर विष्णु भगवान के साथ-साथ माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना करनी चाहिए ऐसा करने से घर में लक्ष्मी मां वास होता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को भी जरुर शामिल करें।

वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि

  • वैशाख मास की पूर्णिमा 16 मई दिन सोमवार
  • पूर्णिमा का प्रारंभ 15 मई को रात्रि 12:45
  • पूर्णिमा का समापन 16 मई की रात्रि 9:45
  • पूर्णिमा का व्रत का दिन 16 मई सोमवार
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