महिला हिंसा उन्मूलन पखवारा:महिलाओं के साथ हिंसा न हो ये हम सबका दायित्व

औरंगाबाद सदर2 महीने पहले
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कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं।

25 नवंबर से 10 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा मनाया जा रहा है। उक्त पखवाड़ा के तहत सदर प्रखंड परिसर स्थित जिला महिला सशक्तीकरण कार्यालय भवन में संचालित अल्पावास गृह में महिला हिंसा उन्मूलन जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक राजीव रंजन द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओ के प्रति होने वाले हिंसा का उन्मूलन हो।

इसके लिए हम सभी का दायित्व बनता है कि एक स्वच्छ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। हम सबों का यह भी दायित्व बनता है कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार की हिंसा नहीं हो यह भी सुनिश्चित करें। हिंसा से निजात पाने के लिए लागू कानूनों/प्रावधानों की जानकारी घर-घर पहुंचा कर महिलाओं के प्रति होने वाले हिंसा को रोकना है और एक स्वच्छ समाज के निर्माण में अपनी महत्ती भूमिका अदा करना है। महिलाओं और बालिकाओं को कमतर नहीं आंंकना चाहिए, उन्हें सिर्फ अवसर देने की आवश्यकता है।

जेंडर आधारित भेदभाव भी हिंसा : घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, दहेज एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतितोष एवं प्रतिषेध) अधिनियम आदि कई ऐसे कानून हैं। महिलाओं के साथ मारपीट करना ही हिंसा नहीं है, बल्कि उनको मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक क्षति पहुंचाना भी हिंसा की श्रेणी में आता है।

इसी प्रकार शिक्षा से वंचित रखना, कौशल विकास से वंचित रखना, आने-जाने पर पाबंदी लगाना, नौकरी करने से रोकना, बेटी पैदा होने पर प्रताड़ित करना, भ्रूण हत्या, दहेज,बाल विवाह, घरेलू हिंसा, मनोवैज्ञानिक हिंसा, जेंडर आधारित भेदभाव भी हिंसा है। इस दौरान महिला हिंसा को रोकने को लेकर उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं सहभागियों को शपथ भी दिलाई।

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