ग्राउंड रिपाेर्ट:सुल्तानगंज-देवघर मार्ग के सूईया मोड़ पर पुलिया क्षतिग्रस्त, कांविरियों को होगी परेशानी

रविशंकर सिंह | कटोरियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिया के बीचों-बीच बनी बड़ी-बड़ी सुराखें। - Dainik Bhaskar
पुलिया के बीचों-बीच बनी बड़ी-बड़ी सुराखें।
  • श्रावणी मेला से पहले मरम्मत नहीं हाेने पर हाे सकता है यातायात बाधित
  • गुजरते वाहन के पहिये से महज 4-6 इंच दूर पुलिया के बीचों-बीच बनी बड़ी सुराख

कटोरिया सुल्तानगंज मुख्य सड़क मार्ग (एसएच) के सूईया थाना मोड़ पर क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत के मामले में विभागीय चुप्पी कहीं जानलेवा ना बन जाए। क्षतिग्रस्त पुलिया के बीचों-बीच बना ढाई से तीन फीट बड़े-बड़े सुराख के चलते कभी भी भीषण हादसा हो सकता है। इस जगह की स्थिति ऐसी है कि गुजरने वाले बड़े वाहन के पहिये गड्ढे से महज 4-6 इंच दूर रहता है। ऐसे में जरा भी चूक हादसे में बदल सकता है। वहीं सुराख एवं क्षतिग्रस्त हिस्सा दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसा ही सुराख पुलिया के बीचों-बीच बना है, जिसके कारण आधे से ज्यादा करीब 12 फीट तक आवागमन बाधित है। फिलहाल आठ फीट के आस-पास बचे सड़क के हिस्से से वाहन गुजर रही है। इस सुराख के चलते हादसे की आशंका को लेकर हालांकि सूईया पुलिस द्वारा क्षतिग्रस्त लेन के दोनों तरफ ड्रम एवं पत्थर रखकर अवरोधक तो जरूर लगाया गया है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा। अक्सर अनजान चालक उक्त सुराख से बचने या सामने से आने वाले वाहन से साइड लेने के दौरान ड्रम से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने से कई बार बच चुके हैं। संबंधित विभाग की चुप्पी कहीं जान माल के नुकसान की वजह ना बन जाए।

गुणवत्ता की खुल रही है पाेल, विभाग बना है मुकदर्शक
दरअसल गुणवत्तापूर्ण निर्माण की पोल उस समय खुल गयी जब महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर बने उक्त पुलिया के ढलाई का कंक्रीट बीचों-बीच ढह गयी। पुलिया के ढ़लाई का कंक्रीट ढहने से सड़क का पीचिंग छड़ पे अटकी गयी। जिसमें वाहन गुजरने से छड़ टूट गया और पुलिया के बीचों-बीच बड़ा बड़ा सुराख बनने लगा। बीते दो मार्च को भास्कर ने जब पुलिया के क्षतिग्रस्त हालत की प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया तो विभागीय अधिकारियों ने मरम्मत के नाम पर आनन-फानन ढहे गये हिस्से में मोरंग डालकर खानापूर्ती कर ली। इधर बारिश होने पर मोरंग का बहना शुरू हुआ और सुराख बढ़ने लगा जो लगातार बढ़ता जा रहा।

श्रावणी मेले के दौरान हजाराें वाहनाें का राेजाना में बढ़ेगा दबाव
जिस प्रकार से सड़क की स्थिति है, उससे हादसा हाेने का शत प्रतिशत चांस है, अगर इसकी मरम्मति श्रावणी मेले से पूर्व नहीं किया गया ताे यातायात बाधित हाेने का भी खतरा है। जानकारी हाे कि श्रावणी मेले के दाैरान इस मार्ग पर राेजाना हजाराें वाहनाें का आवाजाही हाेगा, सड़क पर वाहनाें के दबाव बढ़ने से इस मार्ग के अवरुद्ध हाेने का भी खतरा मंडरा रहा है, जबकि अगर मरम्मति का कार्य नहीं हुआ ताे हादसे से भी इंकार नहीं किया जा सकता। बताते चलें कि सुल्तानगंज से देवघर के बीच लाइफलाइन कहे जाने वाले इस मार्ग पर जहां रोजाना अभी भी सैकड़ों बड़े छोटे वाहन गुजरते हैं। वहीं आने वाले सावन महीने में रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरेंगे।देश विदेश के श्रद्धालु जो वाहन से सुल्तानगंज से जल लेकर बाबाधाम इसी मार्ग से गुजरेंगे। वहीं यात्री बसों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। ऐसे में हजारों वाहन रोजाना गुजरेंगे, जो क्षतिग्रस्त पुलिया के चलते मुश्किल में फंस सकते।

दो दिन के अंदर कार्य करा दिया जाएगा शुरू
दो दिन के अंदर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। लोगों को नहीं होगी कोई असुविधा।
श्रीकांत शर्मा, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बांका

खबरें और भी हैं...