उपलब्धि:टीका दीदी के नाम से मशहूर हैं एएनएम मीना

बांकाएक महीने पहले
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  • अमरपुर प्रखंड के सलेमपुर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में हैं तैनात

अमरपुर प्रखंड के सलेमपुर स्थित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में तैनात एएनएम मीना फ्लोरा मुर्मू टीका देने वाली दीदी के नाम से मशहूर हो गई हैं। उन्हें क्षेत्र के लगभग सभी लोग जानते हैं। क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर रूटीन टीकाकरण कराने में तो उन्हें महारत हासिल है। आज क्षेत्र का हर कोई जानता है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीका लगना कितना जरूरी है। टीका लगने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। यही कारण है कि क्षेत्र के सभी लोग समय पर आकर टीका दिलवाते हैं। मीना कहती हैं कि काम तो हर कोई करता है, लेकिन काम को अच्छे तरह से करने के लिए लोगों से जुड़ना पड़ता है। काम को जब आप अपना समझ कर करेंगे तो हर कोई उसमें सपोर्ट भी करेगा। उन्हें लगेगा कि ये तो हमारे लिए ही काम कर रहे हैं। इसलिए उनका समर्थन भी आपको मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण है लोगों को जागरूक करना। जब एक बार आप लोगों को जागरूक कर देते हैं तो फिर काम में तेजी आ जाती है। मैंने भी यही किया। मेरे साथ 10 आशा कार्यकर्ता हैं। मैंने उनके जरिये क्षेत्र के एक-एक व्यक्ति को समझा दिया कि रूटीन टीकाकरण कितना जरूरी है। अब लोग खुद से ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों को लाकर टीका दिलवाने के लिए आते हैं।

एएनएम मीना को संस्थागत प्रसव कराने में भी महारत हासिल है
मीना मुर्मू अमानत से प्रशिक्षित हैं। इस वजह से संस्थागत प्रसव कराने में भी उन्हें महारत हासिल है। इससे पहले छपरा में पोस्टिंग थी। 2000 में नौकरी शुरू की। अमनौर और एकमा प्रखंड में योगदान देने के बाद 2010 से बांका जिले में काम कर रही हैं। यहां भी पांच सौ से अधिक संस्थागत प्रसव करा चुकी हैं। मीना कहती हैं कि क्षेत्र के लोगों को जब मैं आशा कार्यकर्ता के जरिये टीकाकरण को लेकर जागरूक करती हूं तो उन्हें उस दौरान संस्थागत प्रसव के बारे में भी बताती हूं। उन्हें समझाती हूं कि यह कितना जरूरी और फायदेमंद है। इसका सकारात्मक असर पड़ा है। क्षेत्र के लोग अधिक-से-अधिक संख्या में अमरपुर रेफरल अस्पताल आकर ही प्रसव कराते हैं। इसका लोगों को फायदा भी मिल रहा है।

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