फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम:फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर साल में एक बार ही खिलानी होगी दवा

बांका21 दिन पहले
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  • फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सरकार ने जारी किया नया दिशा-निर्देश

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया रोधी दवाओं के सही डोज़ के संबंध में एक नया दिशा -निर्देश जारी किया गया है। भारत सरकार के गाइडलाइन के अनुसार फाइलेरिया से बचाव और रोकथाम के लिए साल में एक बार ही फाइलेरिया रोधी दवाओं अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवरमैकटिन या अल्बेंडाजोल और डीईसी का सेवन पर्याप्त है। इस संबंध में फाइलेरिया के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह अपर निदेशक डॉ. विपिन कुमार ने सभी वेक्टर बोर्न कंट्रोलिंग ऑफिसर को पत्र जारी किया है। जारी पत्र में बताया गया है कि स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त जानकारी के अनुसार कहीं-कहीं फाइलेरिया रोधी दवाओं के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। इसको ले एक सार्वभौम दिशा-निर्देश जारी किया गया है। जिसके अनुसार भविष्य में कभी भी किसी सरकारी पदाधिकारी के द्वारा अपने स्तर पर फाइलेरिया रोधी दवाओं के संबंध में किसी प्रकार के भ्रामक या गलत जानकारी का प्रचार-प्रसार नहीं हो यह सुनिश्चित करना है। जिला वेक्टर बोर्न पदाधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि पत्र प्राप्त हुआ है। फाइलेरिया के लिए बांका जिले में अल्बेंडाजोल और डीईसी दवा उपलब्ध है। सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन को निश्चित रूप से फाॅलो किया जाएगा। माइक्रो फाइलेरिया पॉजिटिव व्यक्तियों को भारत सरकार के गाइड लाइन के अनुसार 12 दिनों के लिए 6 मिली ग्राम/किलोग्राम शरीर के वजन के आधार पर डीईसी दवा का सेवन एवं एक गोली अल्बेंडाजोल एक बार प्रदान करने का दिशा-निर्देश प्रदान किया गया है। केवल ऐसे पॉजिटव पाए गए व्यक्तियों को ही 12 दिनों तक दवा का सेवन करना है। जिला वेक्टर बोर्न पदाधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि जिले में 300 एमएल तक प्रति व्यक्ति दवा दी जाती है। हाथी पांव एवं हाइड्रोसिल फाइलेरिया के संक्रमण से होने वाले दुष्प्रभाव हैं। इस तरह के व्यक्तियों को भी साल में एक बार ही भारत सरकार के गाइडलाइन के आधार पर फाइलेरिया रोधी दवाओं अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवर माइसिन या अल्बेंडाजोल और डीईसी का सेवन करना पर्याप्त है। बरतें यह सावधानी|ज्यादा दिनों तक बुखार रहे, पुरुष के जननांग में या महिलाओं के स्तन में दर्द या सूजन रहे और खुजली हो, हाथ-पैर में भी सूजन या दर्द रहे तो यह फाइलेरिया होने के लक्षण हैं। तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर चिकित्सा शुरू करवाएं।

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