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नदी का सीना छलनी:एनजीटी की रोक फिर भी दिनदहाड़े बालू का उठाव, माफियाओं ने 10 फीट तक खोदा, नदी के तटबंध को तोड़कर बालू निकाला

बांकाएक महीने पहलेलेखक: मतिकांत सिंह/बिदुशेखर
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जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली चांदन नदी का कई जगहों पर बालू माफियाओं ने सीना छलनी कर दिया। नियम की धज्जियां उड़ाते हुए कहीं बालू उठा कर तालाब बना दिया तो कहीं नदी की धारा मोड़कर उसपर कब्जा कर लिया। माफियाओं की नजर बालू उठाव के साथ साथ नदी की जमीन पर पड़ गई है। चांदन डैम से लेकर बांका मुख्यालय तक दर्जनों जगहों पर नदी की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। भास्कर संवाददाता ने जब स्थिति का जायजा लिया तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। जगाई, मानिकचक, डांडा से लेकर मजलिसपुर तक में कहीं नदी की जमीन पर खेतीबाड़ी की जा रही है। साथ ही साथ कई एक जगह पर नदी में ही झोपड़ी तक बनाकर लोग रहने लग गये हैं।

वह दिन दूर नहीं जब क्षेत्र के लिए प्राणदायिनी नदी जिसके पटवन से बांका के गांवों में अनाज की ढेर लग जाती थी वह इतिहास के पन्ने में सिमट जाए। नदी के आसपास के गांवों के लोग बताते हैं कि पहले जब बारिश की पानी नदी में आती थी उससे सीधे खेतों तक पानी पहुंच जाती थी लेकिन आज ऐसी स्थिति हो गई है कि नदी 20 फीट से अधिक गहरी हो गई है। आज नदी वरदान की जगह अभिशाप बन गया है। बालू उठाव हो जाने से जमीन का जलस्तर नीचे चला गया है।

जुलाई माह में ही पांच साल के लिए निकाला जाएगा टैंडर बांका जिले के 28 निबंधित बालू घाटों से एक ओर जहां 1 जून से ही कोर्ट के निर्देश पर उत्खनन का कार्य बंद कर दिया गया था, वहीं एनजीटी के द्वारा अब तीन माह यानि लगातार चार माह 31 सितम्बर तक विभिन्न नदियों से बालू उठाव पर रेक लगाई गई है। वहीं दूसरी ओर जिले के अवैध बालू घाटों से उत्खनन का कार्य लगातार माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है। रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक में माफिया बेफ्रिक होकर उत्खनन के कार्य को अंजाम दे रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारी बालू के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए समय-समय पर कार्रवाई भी करती है। जहां माफियाओं के विरोध के साथ साथ गोलियों का सामना पर पुलिस अफसरों तक को करना पड़ता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि पुलिस की कार्रवाई की पहले ही बालू माफियाओं को सूचना मिल जाती है। जिससे वे सचेत हो जाते हैं। और नदियों से वाहन लेकर फरार हो जाते हैं। कभी कभार ही वाहन सहित माफिया पकड़ में आते हैं।

कुल चार माह तक बंद रहेगा उत्खनन 1 जून से ही जिले में बालू के उत्खनन पर रोक लगायी गयी है। कोर्ट के आदेश पर 1 जून को संवेदक को एक्सटेंशन नहीं मिलने की वजह से रोक लगायी गयी थी। लेकिन टेंडर का कार्य पूरा जून माह में नहीं हो सका। ऐसे में अब 1 जुलाई से 31 सितम्बर तक एनजीटी के द्वारा उत्खनन के कार्य पर रोक रहेगी। ऐसे में कुल चार माह तक उत्खनन के कार्य पर रोक लगा दी गयी है। मिल रही जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक सर्वे रिपोर्ट पूरा नहीं हो पाने की वजह से भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, लेकिन अब रिपोर्ट पूरा कर लिया गया है, और जुलाई माह में ही पांच साल के टेंडर की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

एनजीटी की रोक के बावजूद धड़ल्ले से हो रहा है खनन

बांका के ककना बालू घाट के साथ ओढ़नी नदी घाट, विजयनगर घाट से बालू माफिया ट्रैक्टर वाहन के माध्यम से उठाव कर रहे हैं। इतना ही नहीं छोटे पैमाने पर भी बालू चोर सक्रिय हैं, जो साइकिल के साथ रिक्शा व ठेला वाहन पर बोरे में बालू नदी से भर कर आपूर्ति कर रहे हैं।

कुल चार माह तक बंद रहेगा उत्खनन 1 जून से ही जिले में बालू के उत्खनन पर रोक लगायी गयी है। कोर्ट के आदेश पर 1 जून को संवेदक को एक्सटेंशन नहीं मिलने की वजह से रोक लगायी गयी थी। लेकिन टेंडर का कार्य पूरा जून माह में नहीं हो सका। ऐसे में अब 1 जुलाई से 31 सितम्बर तक एनजीटी के द्वारा उत्खनन के कार्य पर रोक रहेगी। ऐसे में कुल चार माह तक उत्खनन के कार्य पर रोक लगा दी गयी है। मिल रही जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक सर्वे रिपोर्ट पूरा नहीं हो पाने की वजह से भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, लेकिन अब रिपोर्ट पूरा कर लिया गया है, और जुलाई माह में ही पांच साल के टेंडर की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

माफियाओं के विरूद्ध लगातार होती है छापेमारी 0000000 1 जून से कोर्ट के आदेश पर उत्खनन का कार्य बंद था, अब एनजीटी का रोक आज से हो गया है, जो 31 सितम्बर तक रहेगा। टेंडर की प्रक्रिया अब होने वाली है। जबकि माफियाओं के विरुद्ध लगातार छापेमारी अभियान संचालित है। आये दिन लोग पकड़े भी जा रहे हैं।- संजय कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, बांका

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