चांदन नदी पर बने जर्जर डायवर्सन से बढ़ी परेशानी:बारिश होते ही जगह-जगह बन जाते हैं बड़े-बड़े गड्ढे, हादसे की हमेशा बनी रहती है आशंका

बांका2 महीने पहले

बांका जिला मुख्यालय को ढाकामोड़ से जोड़ने वाला चांदन पुल ध्वस्त होने के बाद लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उायवर्सन होकर ही लोग आते-जाते हैं। लेकिन सही से देखरेख के अभाव में इस पर भी चलना खतरे से खाली नहीं है। बारिश होते ही डायवर्सन पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे हादसे की संभावना बनी रहती है। नतीजतन, आमलोगों को असावधानी के साथ-साथ डायवर्सन की जर्जर और भी बढ़ रही है।

दरअसल, पुल के ध्वस्त हुए दो साल से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में ढाकामोड़ व आसपास के लोगों को जिला मुख्यालय आने में काफी परेशानी होती थी। उन्हें करीब 30 किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता था। डायवर्सन बन जाते के बाद लोगों को काफी सहुलियत हुई। लेकिन इसकी समय-समय पर अच्छे से मरम्मति नहीं कराए जाने के कारण जर्जर हो चुका है।

मालूम हो कि, चांदन नदी में पानी के तेज बहाव आने से पिछले कई दफा डायवर्सन का कटाव हो चुका है। जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो चुकी है। ऐसे में अगर चांदन नदी पर बिछा डायवर्सन क्षतिग्रस्त होता है तो एक बार फिर बांका समेत चार प्रखंड के आमलोगों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जायेगा। साथ ही आवागमन में परेशानी बढ़ जायेगी।

चांदन नदी पर नए पुल का काम तेजी से चल रहा है। पुल के पाया का काम पूरा हो गया है। अब पुल पर गार्डर चढ़ाया जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण काम थोड़ा प्रभावित हुआ है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक नए पुल का काम लगभग पूरा हो सकता है।

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