16 हजार मामलों का था लक्ष्य:लोक अदालत में 1567 वादों का हुआ निष्पादन, 5 करोड़ का हुआ सेटलमेंट

बेगूसराय10 दिन पहले
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राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निपटारा करते जज, वकील व अन्य। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निपटारा करते जज, वकील व अन्य।

व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में 1567 सुलहनीय मामलों का निष्पादन किया गया। साथ ही, इसमें 5 करोड़, 5 लाख 55 हजार 113 रुपए का सेटलमेंट किया गया। लोक अदालत में बैंक रिकवरी से संबंधित 853 मामलों का निष्पादन किया गया। जिसमें 4 करोड़ 41 लाख 3 हजार 824 रुपए का सेटलमेंट हुआ।बीएसएनएल के 8 मामलों का निष्पादन किया गया। जिसमें 12 हजार 271 रुपए का सेटलमेंट किया गया। हालांकि लोक अदालत में बैंक रिकवरी 16 हजार 420 मामलों का निष्पादन का लक्ष्य रखा गया था।

इसी प्रकार बीएसएनएल के 381 मामलों के निष्पादन के विरूद 9 मामलों का ही निष्पादन हो सका। लोक अदालत में 574 सुलहनीय मामलों का निपटारा किया गया। जिसमें 5 हजार रुपए सेटलमेंट राशि तय किया गया। वहीं लोक अदालत में 1953 मामलों का निष्पादन के लिए लाया गया था। एनआईए एक्ट के 189 मामलों को लोक अदालत में लाया गया।

लेकिन एक भी एनआई एक्ट के मामलों का निपटारा नहीं हो सका। लोक अदालत में वादों के निपटारा के लिए 17 पीठ का गठन किया गया था। बेगूसराय व्यवहार न्यायालय में 13 और 4 अनुमंडल में 4 पीठ का गठन किया गया था। एक्सीडेंट क्लेम वाद के 6 मामलों में लाभुक को मिला 36 लाख 50 हजार रुपए लोक अदालत में एक्सीडेंट क्लेम के 15 मामलों को प्रस्तुत किया गया। 6 मामलों का सुलह हुआ।

जिसमें 36 लाख 50 हजार रुपए का सेटलमेंट किया गया। बिजली बिल संबंधी संबंधित 121 मामलों में से 87 मामलों में बिजली विभाग और उपभोक्ता के बीच सुलह हो गया। जिसमें 21 लाख 11 हजार 518 रुपए का सेटलमेंट किया गया। मैट्रिमोनियल डिस्प्यूट के 82 मामलों में से 3 मामलों का निष्पादन लोक अदालत में किया गया।

इसी प्रकार सिविल नेचर के 5 मामलों का निपटारा किया गया। जिसमें 6 लाख, 71 हजार 500 रुपए का सेटलमेंट किया गया। लोक अदालत में 18 हजार 670 वादों के निपटारा का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें 1537 विवादों का निपटारा किया गया।

लोक अदालत के फैसले से न किसी की जीत होती है और न ही हार
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अनवर शमीम एवं अन्य न्यायाधीश ने लोक अदालत का द्वीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। सचिव अनवर शमीम ने कहा कि अदालत में मुकदमों का अंबार लगा हुआ है।

लोक अदालत सुलहनीय मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से निपटारा करती है। लोक अदालत के फैसले को कहीं चुनौती नहीं दी जा सकती है। इस फैसले से दोनों पक्षों में न तो किसी की हार होती है और न ही जीत।

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