पहले कहा- यहां-वहां छू रहे थे, अब बोली- नहीं छुआ:समस्तीपुर में छेड़खानी से तंग आकर ट्रेन से कूदी युवती ने बदला बयान

जीतेंद्र कुमार। बेगूसराय4 महीने पहले

समस्तीपुर में जनसाधरण एक्सप्रेस से कूदने वाली लड़की ने 24 घंटे में ही अपना बयान बदल लिया। कल जो लड़की ये बोल रही थी कि उसे ट्रेन में लड़के छेड़ रहे थे। इधर-उधर छू रहे थे, जिससे परेशान होकर वो ट्रेन से खुद कूद गई। दैनिक भास्कर की टीम ने आज अस्पताल पहुंचकर लड़की से बात की तो उसने बताया कि लड़के मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहे थे। और नहीं छीन पाए तो धक्का दे दिया। 24 घंटे में ये मामला छेड़छाड़ से मोबाइल चोरी तक पहुंच गया। इसे लेकर कई सवाल भी उठते हैं। सवाल ये कि क्या लड़की ने किसी के दवाब में अपना बयान बदला। या कल किसी के दबाव में आकर ये बयान दिया था। इन सभी की जांच होनी चाहिए।

खबर में आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए

22 साल की छात्रा ने बताया कि वो चलती ट्रेन के गेट पर मोबाइल से सहेली से बात कर रही थी। तभी एक लड़का आया और मोबाइल छीनने लगा। इस दौरान वो यहां-वहां छूने लगा। वो चिल्लाई पर यात्रियों से भरी ट्रेन में किसी ने भी उसे बचाने की कोशिश नहीं की। इसके बाद मनचले ने छात्रा को मोबाइल समेत चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

अस्पताल में भर्ती छात्रा।
अस्पताल में भर्ती छात्रा।

ग्रामीणों को वह ट्रैक के किनारे गंभीर हालत में मिली थी। उसे रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लड़की के दोनों पैर, हाथ और सिर में गंभीर चोट आई है। उसके दांत भी टूट गए हैं। वो मुजफ्फरपुर में नर्सिंग की पढ़ाई करती है। ट्रेन से वह बरौनी अपने घर के लिए निकली थी। फिलहाल छात्रा बेगूसराय के एक अस्पताल में भर्ती हैं।

एएनएम की छात्रा मुजफ्फरपुर से परीक्षा देकर अपने घर वापस लौट रही थी। छात्रा बताती है कि ट्रेन में बदमाश के साथ उसकी हाथापाई भी हुई। पर किसी ने मदद की कोशिश नहीं की। इसकी मुझे उम्मीद नहीं थी कि ट्रेन में भी इतनी भीड़ होने पर भी मनचले ऐसा व्यवहार कर सकते हैं। 8 हजार का मोबाइल मनचले को दे देती तो शायद ऐसा मेरे साथ नहीं होता।

एक दिन पहले ये कहा था
अस्पताल में भर्ती छात्रा ने बताया कि वो दोपहर 3.15 बजे मुजफ्फरपुर से बरौनी जाने के लिए जनसाधारण ट्रेन में चढ़ी थी। जहां वह बैठी थी, वहां 6 लड़के थे। वे गंदे-गंदे कमेंट करने लगे। उसने मना किया तो उसे यहां-वहां छूने लगे। वो परेशान हो गई थी। हालात बिगड़ गए थे। वो गेट पर आ गई।

घर पर मदद के लिए फोन करने लगी। तभी वो लड़के फोन छीनने लगे और फिर से छूना शुरू कर दिया। ट्रेन में बहुत लोग थे, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। क्या करती कुछ समझ नहीं आया तो ट्रेन से कूदना ही सही समझा।

मनचले यहां-वहां छू रहे थे, इसलिए कूद गई:समस्तीपुर में ट्रेन से कूदी छात्रा, बोली- इज्जत बचाने के लिए यही था आखिरी रास्ता