वारदात:बीज व्यवसायी का अपहरण कर बदमाशों ने 30 िकमी दूर ले जाकर कर दी हत्या

बेगूसराय13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
समझाने पहुंचे डीएसपी के साथ धक्का-मुक्की करते लोग। - Dainik Bhaskar
समझाने पहुंचे डीएसपी के साथ धक्का-मुक्की करते लोग।

बदमाशों ने कचहरी चौक के पास स्थित सुरेंद्र सीड्स के मालिक युवा व्यवसायी प्रवीण कुमार का अपहरण कर हत्या कर दी। उनका शव 30 किलोमीटर दूर साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के चमन टोल के पास नेशनल हाईवे 333 बी के किनारे फेंका मिला। शनिवार की सुबह साहेबपुरकमाल पुलिस को एक शव मिला, शव के पास मिले आधार कार्ड से मृतक की शिनाख्त नगर थाना क्षेत्र के मियांचक, चट्टी रोड़ निवासी प्रवीण कुमार के रूप में हुई।

बोलेरो सवार बदमाश शुक्रवार की रात करीब 9 बजे प्रवीण को अपने साथ लेकर चले गए थे। बदमाशों ने पीट-पीट कर और गला दबा कर प्रवीण कुमार की बेरहमी से हत्या की दी। युवा व्यवसायी प्रवीण की हत्या की खबर सुनते ही दर्जनों लोग नगर थाना पर पहुंच गए और पुलिस के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

4 बजे दुकानदारों ने कचहरी चौक को जाम कर दिया तथा डीएम और एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। सात बजे शाम तक जाम स्थल पर ना तो डीएम आए और ना ही एसपी तो थक हार कर लोग शव को इ रिक्शा पर लादकर ट्रैफिक चौक पहुंच गए तथा एनएच 31 को आधे घंटे के लिए जाम कर दिया।

बोलरो में बैठा था
9:00 बज कर 12 मिनट और 59 सेकंड पर बोलेरो आकर रुकी तब तक सत्येंद्र अपनी दुकान का ताला बंद कर वहां खड़ा था। साड़ी के रुकते ही वह बिना किसी हील हुज्जत के बोलेरो में बैठा और 9:13 44 सेकंड पर बोलेरो वहां से नगर थाना की तरफ चली गई।

(जैसा कि सीसी टीवी में दिखा है)

कचहरी चौक पर शव को रख कर किया जाम,एसपी-डीएम को बुलाने की मांग
शनिवार की शाम करीब 4 बजे परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही प्रवीण के शव को कचहरी चौक पर रख कर जाम कर दिया। परिजनों की मांग थी कि डीएम-एसपी मौके पर आएं और लिखित आश्वासन दे कि हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाऐगी। परिजन हत्यारोपियों को फांसी दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन भी एहतियातन व्रज वाहन, दर्जनों जवान और सदर एसडीपीओ अमित कुमार को जाम स्थल पर भेजा।

लोगों ने टायर जला कर पुलिस के विरोध में जम कर नारेबाजी की। तीन घंटे तक लोग डीएम एसपी को बुलाने की मांग करते रहे। इस दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बोलेरों सवार बदमाश ने प्रवीण की हत्या कर उसका शव मुंगेर-खगड़िया नेशनल हाईवे के किनारे चमन टोल के पास फेंक दिया। पुलिस ने रात में घटना को लेकर नहीं बरती गंभीरता

परिजनों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती से प्रवीण की हत्या हुई है। उसके गायब होने के बाद काफी खोजबीन की गई लेकिन दुकान के पास ही बाइक होने तथा दुकान को बिना बंद किए प्रवीण के गायब होने से परिजनों को अंदेशा हुआ। रात के करीब डेढ़ बजे प्रवीण के पिता अपने परिजन नगर थाना पहुंच कर अपने पुत्र के अपहरण करने की शिकायत की।

लेकिन पुलिस ने उनके पुत्र को खोजने के बदले सिर्फ खानापूर्ति ही किया। पुलिस ने एफआईआर लेने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि एफआईआर नहीं लेने के बाद इ मेल से मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मृतक की मां, पत्नी कुमारी प्रियंका, विकलांग भाई नवीन कुमार समेत अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।

प्रवीण की हत्या किसने और क्यों की। इस संबंध में परिजन कुछ भी नहीं बता रहे हैं। परिजनों का कहना है कि प्रवीण की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि पुलिस जल्द ही मामले का उद्भेदन कर देगी।

प्रेम प्रसंग या लेन-देन की विवाद में हुई है हत्या
प्रवीण कुमार की हत्या के पीछे लेन-देन या फिर प्रेम प्रसंग का मामला हो सकता है। ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है। जो भी है यह तो तय है कि प्रवीण की हत्या में उसके किसी खास परिचित का हाथ है। परिजनों ने बताया कि प्रवीण 3-4 लोगों के साथ लेन-देन किया करता था। उस पर करीब 2 लाख रूपया कर्ज भी था। प्रवीण को 3 बेटा है। सबसे बड़ा बेटा 10 साल का है। वह दो भाई था। उसका एक भाई दोनों पैर से दिव्यांग है। प्रवीण 8 सदस्यीय परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था ।

डीएसपी की लोगों ने नहीं सुनी
जाम की सूचना पर कचहरी चौक पहुंचे एसडीपीओ अमित कुमार लोगों को समझाने पहुंचे, लेकिन लोग नगर थाना पुलिस की कार्यशैली से नाराज थे तथा उन्होंने डीएसपी से कहा कि पुलिस अगर मामले को गंभीरता से लेती तो आज प्रवीण जिंदा होता। पुलिस ने परिवार वालों को बिना कार्रवाई किए वापस कर दिया, जिस कारण बदमाशों को समय मिल गया तथा वे प्रवीण की हत्या करने में सफल हो गए।

खबरें और भी हैं...