बगहा के थरुहट को स्टार्टअप जोन बनाया जाएगा:कई प्रोडक्ट को एक प्लेटफार्म पर लाना उद्धेश्य, प्रोडक्शन के साथ-साथ मार्केट भी

बगहा19 दिन पहले

पश्चिमी चंपारण के चनपटिया के बाद अब बगहा के थरुहट को स्टार्टअप जोन के रूप में बनाया जाएगा। स्टार्टअप जोन का मुख्य उद्देश्य थरुहट में तैयार होने वाले प्रोडक्ट को एक प्लेटफार्म पर लाना है। इसके साथ ही इस स्टार्टअप जोन की खास बात यह होगी कि यहां सिर्फ उत्पादन ही नहीं बल्कि बाजार भी होगी।

यहां की महिलाओं और पुरुषों को सुसज्जित तरीके से व्यवसाय करने के लिए जगह दिया जाएगा। वही इस क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर तैयार होने वाल सामान जैसे मधु, आनंदी की भुजा, मछली की आचार, बासमती चावल आदि के लिए एक बाजार बाजार भी मिलेगा। इसके लिए अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। लघु कुटीर उद्योग से जुड़े हुए लोगों से अधिकारियों ने मुलाकात की है। अधिकारी लोगों से मिलकर व्यवसाय में आने वाले परेशानियों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।

थरुहट की महिलाएं चलाती है हथकरघा उद्योग

थरुहट 1984 में स्वर्गीय नथाई प्रसाद के द्वारा हथकरघा उद्योग का शुरुआत किया गया। बताया जाता है की 1984 में इनके द्वारा छोटे पैमाने पर कपड़ा बुनाई करने का ट्रेनिंग दिलवा कर यहां के महिलाओं को रोजगार देने का काम शुरू किया गया। अब यह उद्योग बड़ा रूप ले लिया है। अभी 20 से 25 मशीनें 2 जगहों पर मिलाकर चलती हैं। 20 से 25 मशीनों पर 40 से 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। यहां की महिलाएं प्रति पीस पर काम करती हैं।

महिलाओं ने अपने घर पर ही लगाया है मशीन

यहां पर पूर्ण रूप से परिपक्व होने के बाद कई महिलाओं ने एक एक मशीन अपने घर पर लगा लिया है। महिलाएं यहां से कच्चा माल ले जाती हैं। और उन्हें तैयार कर बाजारों में बेचती है। इस उद्योग को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने यहां पर कुटीर उद्योग बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही हर्नाटांड़ के आसपास छोटे-छोटे कई सारे व्यवसाय शुरू हो गए हैं। जिन्हें एक साथ एकत्रित करके प्रशासन स्टार्टअप जोन के रूप में विकसित करना चाह रही है। हालांकि एक तरह से देखा जाए तो थरुहट का क्षेत्र स्टार्टअप जोन के रूप में विकसित भी होने लगा है।