बर्फबारी में भी जवानों को ठंड से बचाएगी ये डिवाइस:बेतिया के युवक का दावा, 1000 रुपए की आई लागत; प्रधानमंत्री से मांगी मदद

बेतियाएक महीने पहले

बेतिया के संजीत रंजन (28वर्ष) ने भारतीय सेना की मदद के लिए एक डिवाइस तैयार किया है। संजीत ने एक ऐसा डिवाइस बनाया है, जिसे पॉकेट में रखकर सेना के जवान अपना काम कर सकते हैं। डिवाइस उन्हें ठंड में गर्म और गर्मी में ठंड का एहसास दिलाएगा। बर्फीली इलाकों में भी तापमान बढ़ा हुआ रहेगा। एक बार चार्ज करने पर यह 24 घंटे तक काम करेगा। संजीत नौतन प्रखंड के धुसवा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता रामकुमार शर्मा गांव में ही रहते हैं।

दो साल में बैट्री चेंज होगी

संजीत ने बताया कि इस डिवाइस का आकार एक पावरबैंक के समान है। इसमें एक एसी, हीटर, एक चार्जेबल बैट्री, एयरपंप, सर्किट (एक मशीन जो गर्म व ठंडा करता है) लगा हुआ है। दो साल में सिर्फ डिवाइस की बैट्री बदलनी होगी। उन्होंने बताया कि बैट्री के अनुसार यह डिवाइस छह से चौबीस घंटे तक लगातार काम कर सकता है। इसे तैयार करने में मात्र एक हजार रुपए की लागत आई है।

क्या है संजीत का दावा

यह डिवाइस इतना छोटा है कि उसे पॉकेट में आसानी से रखा जा सकता है। डिवाइस से एक तार बाहर निकला हुआ है। इसे शरीर के किसी अंग से स्पर्श करा देना है। गर्म ठंडा का स्विच ऑन करते ही यह डिवाइस माइनस जीरो डिग्री तापमान में भी शरीर को गर्म एवं भीषण गर्मी में भी शरीर को बिल्कुल ठंडा रख सकता है। संजीत ने दावा किया कि विश्व में ऐसा डिवाइस अभी कही नहीं है।

सौर ऊर्जा को खींचकर खुद को चार्ज करेगी बैट्री

संजीत ने सुपर बैट्री का भी निर्माण किया है। इस बैट्री को चार्ज नही करना पड़ेगा। यह बैट्री वायुमंडल से सौर ऊर्जा को खींचकर खुद को चार्ज करेगा। इसके निर्माण के बाद संजीत ने सहयोग के लिए पीएम को पत्र लिखा। पीएम की ओर से कोई तत्काल मदद तो नहीं मिली, लेकिन उसका पत्र बिहार साइंस एंड टेक्नालॉजी विभाग को चला गया। इसके बाद विभाग ने संजीत से वर्किंग मॉडल दिखाने की मांग किया। संजीत ने बताया कि 2019 के अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में वह डेमो को विभाग के पास भेजा था। लेकिन, विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

दूसरी बार पीएम को संजीत ने लिखा पत्र

संजीत ने दूसरी बार पीएम मोदी को पत्र लिखकर मदद मांगी है। संजीत बताते हैं कि उन्होंने 2 माह पूर्व पीएम मोदी को डाक के माध्यम से एक पत्र भेजकर मदद की मांग की है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी से उन्होंने पत्र के माध्यम से सेना तक ऐसी डिवाइस को पहुंचाने के लिए मांग किया है। हालांकि, अभी तक पीएम मोदी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला है।

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