बेतिया में 250 लोगों को बांस के पुल का सहारा:5 सालों से चचरी पुल से ही लोग करते हैं आवााजाही, नहीं सुनते अधिकारी

बेतिया11 दिन पहले
इन्हें 5 सालों से चचरी पुल से ही आवाजाही करना पड़ता है।

बेतिया में एक ऐसी भी जगह हैं, जहां करीब 250 लोगों को बांस के पुल (चचरी पुल) का ही सहारा है। छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी इसी चचरी पुल के सहारे इस पार से उस पार आया-जाया करते हैं। इन्हें 5 सालों से चचरी पुल से ही आवाजाही करना पड़ता है। मामला लौरिया प्रखंड के तेलपुर गांव के वार्ड नंबर 11 का है।

दरअसल, वर्ष 2017 में आई बाढ़ ने इस गांव के 25 घरों को काट कर गांव से अलग कर दिया। उसके बाद से इन लोगों का बसेरा एक तरह से टापू हो गया है। लौरिया प्रखंड के तेलपुर पंचायत में कुल 13 वार्ड है। इस पंचायत में कुल 10 हजार की आबादी रहती है।

2017 के पहले तत्कालीन मुखिया स्वर्गीय इम्तियाज अहमद ने अपनी निजी जमीन में लोगों को बसाया था। 2017 से यहां के लोग चचरी पुल के सहारे आवागमन करते हैं। ग्रामीण एजाज अहमद उर्फ सोनू,जाहिर मियां, मनसफ मियां, मुश्ताक मियां, लाल जी यादव , मोहन साह यूनुस मियां, रहीम मियां, करीम मियां आदि ने बताया कि ग्रामीण कई बार लौरिया ब्लॉक से लेकर प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों तक का चक्कर काट चुके हैं। लेकिन अब तक उन्हें समस्या से निजात नहीं मिल सकी है।

इधर, वही इस संबंध में लौरिया RO शशि रंजन ने बताया की इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अंचल अधिकारी अभी छुट्टी पर हैं। जानकारी लेकर मामले की जांच की जाए गी।

खबरें और भी हैं...