परेशानी:जलजमाव के कारण सौ एकड़ खेत में नहीं हो सकी रबी फसल की बुआई

अलौली5 दिन पहले
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खेतों में जलजमाव के कारण नहीं हो पाई रबी फसल की बुआई। - Dainik Bhaskar
खेतों में जलजमाव के कारण नहीं हो पाई रबी फसल की बुआई।
  • रबी फसल की पैदावार पर इसका पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव, किसान चिंतित

इस साल अत्यधिक बारिश का कुप्रभाव क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अत्यधिक बारिश के कारण जहां एक तरफ खरीफ फसलों की अधिक रोपाई नहीं हो पाई थी, वहीं जिन खेतों में खरीफ की रोपाई हुई, उसमें अधिक जलजमाव के कारण रबी फसल की बुआई नहीं हो पाई है। प्रखंड के ज्वालापुर, मेघौना, चाैर व कोकरहा चाैर से खोन जाने वाले सड़क के किनारे करीब सौ एकड़ ऐसे खेत है, जिसमें अत्यधिक जलजमाव के कारण इसबार धान की फसल नहीं हो पाई। वहां अभी तक पानी जमा रहने के कारण रबी की फसल भी नहीं होगी। बताते चलें कि दिसंबर के अंत तक भी इन खेतों में रबी फसल की बुआई हो जानी थी। मग रखे खेतों में जलजमाव से किसानों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गई है। बताते चलें कि इस क्षेत्र में धान काटने से पहले ही खेसारी सरसों व अन्य बुआई हो जाती है। मगर पूरा दिसंबर और आधा जनवरी गुजर जाने के बाद भी इन खेतों में अभी भी पानी जमी हुई है। इस कारण इन खेतों की जुताई नहीं हुई है। खेतों की जुताई नहीं होने के कारण इन में गेहूं की बुआई भी नहीं हो सकी है। इस पूरे क्षेत्र में सैकड़ों ऐसे खेत हैं जो जलजमाव से ग्रसित हुए हैं। ऐसे में रबी फसल की पैदावार पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने इस समस्या ने कृषि विभाग को भी अवगत कराया है।

क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों कि माने तो कुछ लोग अपने निजी फायदा के लिए पानी निकलने वाले रास्ते को बंद कर दिया। जब उसका विरोध उस समय किया गया था तो उन्होंने कहा कि मेरा मछली भाग जाती है। जिससे उन्होंने पानी निकालने के सभी रास्ता को बंद कर दिया है। दबंगों के भय से लोगों ने नाम नहीं छापने जाने के शर्त पर उक्त बात बताई। अलौली के बीएओ अभिमन्यु कुमार को मामले में कई बार संपर्क करने की कोशिश की।

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