तैयारी:पोखर किनारे बैरिकेड़िंग और गोताखोरों को तैनात करने का मंत्री ने दिया आदेश

अमरपुर22 दिन पहले
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चंसार पोखर का निरीक्षण करते मंत्री व मौजूद कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
चंसार पोखर का निरीक्षण करते मंत्री व मौजूद कार्यकर्ता।
  • प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों पर सफाई कार्यों का ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज ने लिया जायजा

अमरपुर प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों का शनिवार के दिन अमरपुर विधायक सह बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज ने निरीक्षण किया। मंत्री का काफिला बांका से मकदुमा गांव पहुंचा। मां काली मंदिर में मंत्री ने मत्था टेककर आशीर्वाद मांगा। मंदिर से निकलकर मंत्री का काफिला अमरपुर शहर के चंसार पोखर, पैनियानाथ मंदिर छठ घाट, डुमरामा गांव स्थित पापहरणी पोखर, राय पोखर, बनियाचक गांव स्थित नया पोखर घाट पर चल रही साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को पोखर के किनारे बैरिकेट लगाने एवं गोताखोर की नियुक्ति करने का निर्देश दिया। ताकि किसी भी आपदा से ससमय निपटा जा सके। डुमरांवा वार्ड नंबर चार स्थित पापहरणी पोखर के समीप ग्रामीणों ने मंत्री से जल नल योजना के तहत पानी नहीं मिलने की शिकायत किया। जिसपर मंत्री ने संज्ञान लेते हुए मौजूद नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता को अविलंब ग्रामीणों को पानी मुहैया कराने का निर्देश दिया। मौके पर मंत्री ने बताया कि सभी छठ घाटों पर युद्ध स्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। छठ पर्व तक सभी घाटों की सफाई कार्य पूर्ण हो जायेगी। चंसार पोखर का जल्द ही सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कर दिया जायेगा। जिसके तहत शहर वासी वोटिंग, पार्क एवं अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। इस मौके पर बीडीओ राकेश कुमार, बीपीआरओ हिमांशु शेखर, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता, अमरपुर थानाध्यक्ष मो. सफदर अली, समाजसेवी प्रशान्त कापरी, शिव मंडल, युवा जदयू के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार, सौरभ भगत, रोहित साह, वार्ड पार्षद शंकर महतो, पप्पू साह, रोहन कुमार, विवेकानंद महतो उर्फ झुन्ना, कुंदन कुमार, समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता व आम लोग उपस्थित थे।

महापर्व छठ नजदीक, लोगों ने अपने स्तर से घाटों की सफाई की शुरू

शंभूगंज । शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र में चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ सोमवार से शुरू होगा। शनिवार से ही छठ पूजा की सामग्री की खरीदारी में लोग जूट गए हैं। शंभूगंज के बदुआ नदी, गंगटी नदी सहित अन्य नहर कैनालों के किनारे छठ घाटों की साफ-सफाई में युवा लग गए हैं। सरकारी तालाबों में छठ घाटों की साफ-सफाई पर प्रशासनिक उदासीनता साफ दिखाई पड़ रही है। मिर्जापुर बाजार के समीप सरकारी तालाब की स्थिति देखा जाए तो बद से बदतर है। तालाब किनारे कूड़े का डंपिंग स्थान बन गया है। इसका मुख्य वजह है कि मिर्जापुर बाजार में सप्ताह में दो दिन हाट लगती है। इसके अलावा अन्य दिनों में भी फुटकर दुकानदारों की दुकानें लगी रहती है। हाट की गंदगी लोग तालाब किनारे फेंकते हैं। छठ पूजा में ग्रामीण युवा समिति द्वारा स्वच्छता अभियान चलाई जाती है। इस तालाब पर मिर्जापुर बाजार के अलावा डाका, श्यामपुर सहित अन्य गांव के हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की जुटान होती है। इसके बावजूद भी यहां स्वच्छता का कोई ख्याल नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस हाट से राजस्व वसूली सरकारी खजाने में जमा होती है। विभाग को चाहिए की छठ घाटों की साफ-सफाई कराएं। इस संबंध में बीडीओ प्रभात रंजन ने बताया कि छठ पूजा के पहले छठ घाटों की साफ-सफाई करा दी जाएगी। साथ ही तालाब में बैरिकेडिंग के साथ खतरे का संकेत भी अंकित कर दी जाएगी, ताकि छठव्रतियों तालाब की गहराई की पता आसानी से चल सके।

पंजवारा में जंगल झाड़ से भरा छठ घाट ।
पंजवारा में जंगल झाड़ से भरा छठ घाट ।

चीर नदी में गंदगी का अंबार छठव्रतियों को होगी परेशानी

पंजवारा| पंजवारा स्थित चीर नदी में गंदगी का अंबार अभी तक लगा हुआ है। जबकि महापर्व छठ को अब गिनती के दिन बचे हुए हैं। इसके बावजूद न तो प्रशासनिक स्तर पर तब तक छठ घाटों की सफाई के लिए कोई कवायद शुरू की गई है, न ही कोई स्थानीय समाजसेवी इसको लेकर सामने आए हैं। बता दें कि उक्त नदी में बिहार एवं झारखंड दोनों प्रदेशों के लोग भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान कर छठ पूजा मनाते हैं। नदी में इस बार पानी भी अन्य वर्षो की अपेक्षा अत्यधिक मौजूद है। जिसकी वजह से कई जगहों पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे घाटों को चिन्हित करते हुए वहां बैरिकेडिंग किया जाना आवश्यक है। छठ घाटों की स्वच्छता में सबसे बड़ा बाधक लोगों द्वारा नदी के तटों का शौचालय के रूप में प्रयोग किया जाना है। बड़ी संख्या में नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांवों के ग्रामीणों प्रतिदिन शौच आदि की क्रिया से निवृत होने के लिए नदी किनारे पहुंचते हैं और नदी के तट को गंदा कर रहे हैं। सरकार द्वारा समर्थित घर-घर शौचालय अभियान के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीणों के घरों में शौचालय बनवाए गए हैं इसके बावजूद ग्रामीण खुले में शौच करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

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