पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

साल बाद घर लौटा पोखरिया गांव का लड़का:10 साल पहले गायब लड़का बना राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉलर, लौटा घर

रानीगंज(अररिया)एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • ट्रेन पर सोने के बाद पहुंच गया उत्तराखंड,गुरुकुल से शुरू हुई पढ़ाई आज बने प्रेरणास्रोत
  • सेना में भी नौकरी मिल गई थी लेकिन घर का पता नहीं रहने कारण छटा गया था

जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत पोखरिया गांव के संथाल समुदाय के युवक राम मरांडी को 10 साल बाद परिवार जरूर मिल गया। राम अपने परिजनों से 7 वर्ष की उम्र में ही बिछड़ा था। पूरे 10 साल बाद अपने परिजनों से मिलकर राम के आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

लोगों की खुशी का तब ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि अब यह नेशनल लेवल का फुटबॉल खिलाड़ी बन गया हे। सेना में भी नौकरी मिल गई थी लेकिन घर का पता नहीं रहने कारण छठा गया। जबकि 7 वर्ष में जब राम गायब हुए तो घरेलू नौकर बना हुआ था। बुधवार को राम मरांडी के परिजन उसे रांची से लेकर जैसे ही गांव पहुंचे तो देखने के लिए पूरे गांव की भीड़ जुट गई। परिजनों को खोजने में रानीगंज पुलिस के अलावा सबसे मुख्य भूमिका पंचायत समिति सदस्य अभिनंदन चौरसिया ने निभाई है। हर तरफ अभिनंदन के इस कार्य की प्रशंसा हो रही है।

10 हजार में मवेशी बेचकर पिता पुत्र को लाने पहुंचे रांची

रानीगंज के पोखर टोला के दुखिल मरांडी को तीन चार दिन पूर्व अभिनंदन ने उसे पुत्र के मिलने की जानकारी दी।तब से दुखिल लगातार इसके लिए परेशान हो गया कि पुत्र तक कैसे पहुंचा जाए।अंत मे रविवार को दुखिल ने 10 हजार रुपये में मवेशी बेचकर अभिनंदन को लेकर चार चक्का वाहन भाड़े कर रांची के लिए निकल पड़े। मंगलवार को रांची के बालक आश्रय स्थल से पिता को बहुत पूछताछ के बाद राम को सुपुर्द किया गया।

बुधवार को राम को लेकर सभी गांव पहुंचे। राम की मां अभी अपनी पुत्री के पास दिल्ली में है।

राम मरांडी की काफी मार्मिक बीती है जिंदगी
पहुंसरा पंचायत के वार्ड 02 पोखर टोला निवासी बच्चे के पिता दुखिल मरांडी ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व हम पंजाब में मजदूरी करते थे। उसी समय गांव के ही एक चिकित्सक ने मेरी पत्नी अंजी देवी से पांच छह वर्ष का लड़का राम मरांडी को काम कराने के लिए दिल्ली अपने बेटी के पास भेज दिया। जहां से करीब चार महीने के बाद वहां से भाग गया। खोजबीन के बाद भी नहीं मिला।

इधर, गांव में ही पांच दिन पहले समिति सदस्य अभिनंदन चौरसिया द्वारा बच्चे के मिलने की बात सामने आया। राम मरांडी कहते हैं रांची स्थित बलाश्रय झारखण्ड महिला समाख्या सोसाइटी के द्वारा गहन अध्ययन के बाद राम को अपने पिता को पहचानने को लेकर बुलाया गया। कहते हैं पढ़ाई के दौरान ही खेल में हॉकी व फुटबॉल में रुचि रहने के चलते हाकी में स्टेट लेवल का खिलाड़ी बन गया। फुटबॉल में हरिद्वार क्लब से अंडर 17 में नेशनल लेवल पर खेलने लगा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- दिन उन्नतिकारक है। आपकी प्रतिभा व योग्यता के अनुरूप आपको अपने कार्यों के उचित परिणाम प्राप्त होंगे। कामकाज व कैरियर को महत्व देंगे परंतु पहली प्राथमिकता आपकी परिवार ही रहेगी। संतान के विवाह क...

और पढ़ें