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लोगों को दे रहे संदेश:एक माह तक लड़कर कोरोना को हराया, स्वस्थ हो लोगों को कर रहे जागरूक

आमोद शर्मा| अररियाएक महीने पहले
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काम निपटाते कार्यपालक अभियंता एसएस दयाल। - Dainik Bhaskar
काम निपटाते कार्यपालक अभियंता एसएस दयाल।
  • संक्रमित होने पर घबराएं नहीं, संयम और हिम्मत से लें काम, अपने आप हार जाएगा कोरोना

कोरोना की दूसरी लहर के गंभीर संक्रमण को देखते हुए पूर्व के कई पीड़ित न केवल खुद, बल्कि दूसरे को भी जागरूक करने में लगे हैं। कुछ ऐसा ही उदाहरण पीएचडी के कार्यपालक अभियंता एस एस दयाल प्रस्तुत कर रहे हैं। कार्यपालक अभियंता एसएस दयाल उस समय कोरोना से संक्रमित हुए थे जब कोरोना का टीका नहीं आया था। पिछले 14 अगस्त को किसी काम से वे पटना गए वहीं पर वे कोरोना संक्रमित हो गए। रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर वे खुद अपने आप को होम आइसोलेट कर लिए। इस बार दूसरों को हिम्मत और साहस दे रहे हैं।

टूटता रहा शरीर, नहीं हारी हिम्मत
जब कोरोना हुआ तो अपने परिचय के दो चिकित्सकों की सलाह पर घर में ही दवाई लेना शुरू किया। लेकिन दो तीन दिन बीतते-बीतते हालत खराब होने लगी। उठना-बैठना भी मुश्किल होने लगा। परिवार वाले भी भयभीत होने लगे। लेकिन हमने हिम्मत को कभी नहीं हारा। हर एक दिन ऑक्सीजन लेवल, ब्लड लेवल औऱ प्रेशर लेवल की जांच करते रहे। हालांकि, कभी-कभी ऑक्सीजन लेवल कम भी हो जाया करता था। लेकिन आइसोलेट के दौरान ही दवा के साथ कुछ-कुछ व्यायाम करने लगे। जिसके कारण ऑक्सीजन लेवल फिर से सामान्य हो जाता था।

तीन बार रिपोर्ट पॉजिटिव आई, चौथे में हुए निगेटिव
होम आइसोलेट के क्रम में तीन बार जांच हुई। लेकिन हर एक बार मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती थी। इस दौरान स्वास्थ्य की स्थिति इतनी खराब हो गई कि परिवार वाले भी घबराने लगे। लेकिन 25 दिन के बाद जब चौथी बार जांच हुई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। तब परिवार वाले भी चैन की सांस ली। इस क्रम में परिवार के भी कई सदस्य पॉजिटिव हो गए। लेकिन अपने परिवार वालों की भी हिम्मत बढ़ाया। जिसके कारण जल्द ही परिवार वाले भी तंदरुस्त हो गए।

लोगों को जागरूक कर हौसला अफजाई कर रहे ईं.एसएस दयाल
कोरोना से लड़ने के बाद जीत मिली और फिर हम अपने काम पर लौट आए। अब कार्यालय कर्मियों के अलावा विभाग के काम से जुड़े हर एक लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। यही नहीं जरूरत मंदों को मास्क और सेनिटाइजर भी दे रहे हैं। हर एक से ये कहते हैं कि हर एक दिन कम से कम दो बार भाप लें। लोगों से दूरी बनाकर मास्क पहनें। लोगों को जागरूक करते लोगों को यह भी बता रहे हैं कि पॉजिटिव होने पर घबराएं नहीं, बल्कि संयम और हिम्मत से काम लें।
(जैसा कि कार्यपालक अभियंता एसएस दयाल ने बताया।)

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