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कार्रवाई:क्षेत्र सहायक ने 11 साल पहले किया 5.72 लाख का गबन, 4 साल से गायब

अररिया| राकेश कुमार भगत मंटू7 दिन पहले
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  • अररिया अनुमंडल कृषि कार्यालय में गबन, क्षेत्र सहायक पद पर कार्यरत संतोष प्रकाश पर आरोप
  • पैसे नहीं देने पर विभाग ने दिया एफआईआर दर्ज कराने का आदेश

जिले के कृषि विभाग में 11 साल पहले 5.72 लाख का गबन का मामला सामने आया है, लेकिन मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप अनुमंडल कृषि कार्यालय अररिया के क्षेत्र सहायक पद पर कार्यरत संतोष प्रकाश पर है, जो पिछले चार साल से कार्यालय से फरार हैं, लेकिन विभाग ने इसकी कोई खोज-खबर भी नहीं ली। मामले का खुलासा तब हुआ, जब यहां अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के रूप में रामकुमार की पदस्थापना हुई। प्रभार लेने के साथ उन्होंने जब कैशबुक और संचिकाओं को खंगालना शुरू किया तो इस घोटाले को उन्होंने पकड़ा। अब विभाग ने अारोपी कर्मी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा बार-बार अल्टीमेटम देने के बाद भी सरकारी खाते में राशि जमा नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामकुमार ने कहा कि गबन के आरोपी संतोष प्रकाश पर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी में विभाग जुटा है। जानकारी के अनुसार संतोष प्रकाश ने 2009-10 में कृषि विभाग के सरकारी खजाने से पांच लाख 72 हजार 449 रुपये की अवैध रूप से निकासी कर ली। यह राशि शहरी क्षेत्र के फॉर्म में खेती करने के लिए था। विभागीय समीक्षा के बाद मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय अधिकारी ने सरकारी खजाने में राशि लौटाने का दबाव बनाया। आरोपित संतोष कुमार 2017 से बिना किसी सूचना के कार्यालय से लापता हैं। आरोपित को पूर्व में सरकारी खजाने में राशि जमा करने का आदेश दिया गया था। परंतु अब तक राशि जमा नहीं हुई है। इस स्थिति में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।

समीक्षा बैठक में केस दर्ज करने का आदेश
कृषि विभाग सूत्रों की माने तो बीते चार जनवरी को पटना में विभागीय समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें यह बात सामने आई थी कि 10 वर्ष पूर्व क्षेत्र सहायक संतोष प्रकाश द्वारा गबन की गई राशि अब तक रिकवरी नहीं हुई है। इस पर जिले के कृषि अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई गई। बैठक में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आदेश दिया गया। भले ही खुले रूप से नहीं बल्कि दबी जुबान के साथ अधिकारी और कर्मी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।

इन मदों की थी सरकारी खजाने की राशि
जिले में बीज उत्पादन के लिए आठ प्रक्षेत्र हैं। अररिया, सिरसिया, देवीगंज, बिस्टोरिया, खुजरी, सिकटी, कुर्साकांटा, बलवा पलासी, जहां गेंहू, मूंगफली, मसूर आदि के बीज उत्पादन किया जाता है। उत्पादन कर बीज विभाग को भेजा जाता है। फिर वही बीज किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसी मदों की राशि सरकारी खजाने से निकाली गई थी। राशि निकालने के बाद आरोपित संतोष प्रकाश ने गबन कर लिया।

11 साल में विभाग ने नहीं की कोई कार्रवाई
यहां यह सवाल उठना लाजमी है कि वर्ष 2009-10 में राशि की अवैध निकासी कर घोटाला को अंजाम दिया गया, लेकिन अब तक 11 साल बीत जाने के बाद भी स्थानीय स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी या रामकुमार से पहले तक आए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। जानकार बताते हैं कि कृषि विभाग के लगभग सभी कर्मियों को इस अवैध निकासी के बारे में जानकारी है। बावजूद इस दिशा में कृषि विभाग के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया?

राशि नहीं लौटाई तो होगी एफआईआर
आरोपी को गबन की गई राशि लौटाने के लिए आदेश दिया गया था। 2017 से आरोपी क्षेत्र सहायक अनधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित है। पहले तो वह आदेश पत्र लेने में आनाकानी की थी। 14 जनवरी तक राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं होता है तो आरोपित के विरुद्ध थाना में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
राम कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी

सारे पैसे का हिसाब, बहुत जल्द अधिकारी को सौपेंगे
सारे पैसे का हिसाब रखे हुए हैं। बहुत जल्द अधिकारी को समर्पित कर देंगे। तत्कालीन डीएम बैद्यनाथ यादव जिला कृषि पदाधिकारी अररिया के पद पर पदस्थापित थे, के कार्यकाल में एसी और डीसी बिल का मामला हुआ था। कोषागार से पास वाउचर पर पैसे की निकासी की गई है, जो कैश बुक में दर्ज है। हालांकि मास्टर रोल में गड़बड़ी की बात हुई है।
संतोष प्रकाश, आरोपी कर्मी

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