दुखद:आंध्र प्रदेश में ट्रक के आमने-सामने की टक्कर में खोरागाछ के चार मजदूरों की मौत, सात घायल

अररिया3 दिन पहले
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विलाप करते परिजन। - Dainik Bhaskar
विलाप करते परिजन।
  • खोरगाछ के दर्जनों लोग गुरुम में मछली बेचने का करते हैं कारोबार

शुक्रवार को अररिया जिला का स्थापना दिवस मनाया जा रहा था और उसी दिन सड़क दुर्घटना में जिले के सिकटी प्रखंड के चार लोगों की मौत आंध्र प्रदेश में हो गयी। सिकटी प्रखंड क्षेत्र के खोरागाछ पंचायत के चार मजदूरों की मौत सड़क दुर्घटना में शुक्रवार की सुबह आंध्र प्रदेश के नारायण पूरा में हो गयी, जबकि मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। जिसका इलाज नारायण पूरा अस्पताल में चल रहा है। चारों मृतक मजदूरों के परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव को घर लाया जायेगा। मृतकों में खोरागाछ वार्ड नंबर दो निवासी शद्दाम हुसैन (33) पिता आजाद, वार्ड चार निवासी सुकुद्द्दीन उर्फ जलील अंसारी (32) पिता रिजाबुल अंसारी, अब्दुल रफीक (37) पिता नूरशेद आलम व वार्ड नंबर 14 निवासी अब्दुल्ला (32) पिता मोलवी इस्राइल शामिल हैं।

गुुरुम के मछली मंडी में चारों युवक करता थे काम
मृतक के परिजनों ने बताया कि खोरागाछ के दर्जनों की संख्या में लोग आंध्र प्रदेश के नारायण पूरा में मछली मंडी में काम करता है। ये लोग तालाब से मछली लेकर ट्रक से नारायण पूरा मछली मंडी जा रहा थे, तभी गुरुम के पास दो ट्रक में आमने-सामने की टक्कर में ट्रक पलट गया। जिसमें खोरागाछ के चार लोगों की मौत घटना स्थल पर हीं हो गयी और सात गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है। परिजनों ने बताया कि सभी मृतकों को पोस्टमार्टम के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया करने के बाद शव को खोरागाछ लाया जायेगा। इधर मुखिया प्रतिनिधि सहाब उद्दीन, समाजिक कार्यकर्ता काबातुल्ला व पूर्व मुखिया प्रतिनिधि यूसुफ ने बताया कि मृतक गरीब परिवार से विलोम करता है आंध्र प्रदेश में मजदूरी कर किसी तरह अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण किया करता था।

मौत की खबर आते हीं खोरगाछ गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
खोरागाछ गांव में आंध्र प्रदेश के नारायण पूरा के गुरुम में सड़क हादसे में मौत की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सैंकड़ों की संख्या में लोग मृतक के घर पर एकत्रित हो गए। महिलाएं परिजनों को सांत्वना देकर चुप करा रही थी। मुखिया प्रतिनिधि सहाब उद्दीन, समाजिक कार्यकर्ता काबातुल्ला, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि यूसुफ मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए बताया कि खोरागाछ गांव के सैकड़ों की संख्या में मजदूर आंध्र प्रदेश में मजदूरी करते हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सभी मजदूर काफी गरीब थे। मजदूरी कर पिरवार का भरण पोषण करते थे। मृतक शद्दाम कुछ दिन पहले हीं घर से आंध्र प्रदेश गया ही था। उसकी पत्नी रूबेसा दहाड़ मारकर रोने लगी। इसी तरह अब्दुल्ला के परिजनों का भी बहुत बुरा हाल है। यह घटना मृतक के परिजनों के लिये किसी पहाड़ जैसा गिरना है। सभी मृतक के छोटे छोटे बच्चे हैं। सब लोग यही कह रहे थे कि दूसरे प्रांतों में मेहनत मजदूरी कर अपना और परिवार का भरण-पोषण करता था अब इनके छोटे-छोटे बच्चों का क्या होगा।

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