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बेटी पैदा होने पर बहू को जिंदा जलाया:अररिया में 10 माह पूर्व हुई थी काजल की शादी, ससुराल वाले बराबर करते थे प्रताड़ित, जब से बेटी हुई तब से ही करते थे मारपीट

अररिया8 महीने पहले
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देखिए, दरिंदों की हैवानियत: काजल ने मायागंज में अंतिम सांस ली धिक्कार है ऐसे पति पर, जिसने नवजात को मां से जुदा कर दिया। - Dainik Bhaskar
देखिए, दरिंदों की हैवानियत: काजल ने मायागंज में अंतिम सांस ली धिक्कार है ऐसे पति पर, जिसने नवजात को मां से जुदा कर दिया।
  • डाॅक्टरों के अनुसार महिलाएं तय नहीं करती कि उनकी कोख में बेटा पल रहा है या बेटी, यह पुरुषों के क्रोमोजोम्स पर निर्भर करता है

बेटी नहीं होने पर मां को केरोसीन डाल जिंदा जला दिया, जिसकी भागलपुर मायागंज में मौत हो गई। घटना भरगामा में मंगलवार की है। घटना के बाद पति रोशन भगत, ससुर राजकुमार भगत, सास रंभा देवी और एक ननद घर से फरार है। विवाहिता के पिता बनगामा निवासी अशोक भगत ने बताया कि पड़ोस के लोगों उसे पूर्णिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से भागलपुर रेफर कर दिया। मौत के बाद विवाहिता के माता-पिता एवं अन्य परिजन नगर थाना अररिया पहुंचे। अपना बयान दर्ज कराकर भरगामा थाने में भी प्राथमिकी दर्ज कराया। अशोक भगत ने भागलपुर मेडिकल कॉलेज में भी पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। आशोक ने भागलपुर पुलिस को बताया है कि बीते मंगलवार को सदर अस्पताल पूर्णिया से किसी ने फोन किया, बताया गया कि उनकी बेटी जल गई है। जिसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। आप आकर अपनी बेटी से मिल लें। पूर्णिया पहुंचे तो उसकी बेटी बुरी तरह जली हुई थी। पूर्णिया से भी उसे रेफर कर दिया गया था।

जब से बेटी हुई तब से ही करते थे मारपीट

मृतका की नानी ने बताया कि 10 माह पूर्व ही काजल की शादी भरगामा के रोशन कुमार भगत से हुई थी। शादी के कुछ दिनों तक उनकी बेटी खुश थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद सास-बहू में अनबन होने लगी। बात बात पर प्रताड़ित किया जाता था। कई बार अपनी बेटी के ससुराल जाकर सभी लोगों को समझाया बुझाया।

लेकिन जब से उसकी बेटी ने एक पुत्री को जन्म दिया। तब से उसके साथ उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। बात-बात पर उसकी बेटी को उसके ससुराल वाले मारपीट करने लगे। इस बात की जानकारी उनकी बेटी ने उन्हें दी थी। वहीं, नानी ने बताया कि शादी के समय उपहार स्वरूप सोने के जेवरात, फर्नीचर व नकदी भी दिया था।

लड़की हो या लड़का, इसके जन्म में महिला नहीं होती है जिम्मेदार

सदर अस्पताल अधीक्षक सह वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि बच्चे का जन्म लड़का हो या लड़की इसमें विशेष रूप से पुरुष का योगदान होता है। क्योंकि पुरुष के अंदर एक्स और वाई क्रोमोजोम्स जबकि महिलाओं के अंदर सिर्फ एक्स ही एक्स होते हैं। इस कारण अगर पुरुष से एक्स जाता है तो वह महिला के अंदर पहुंचकर एक्स-एक्स मिलकर लड़की के रूप में जन्म होता है।

अगर वाई जाता है तो एक्स-वाई के रूप में लड़के का जन्म होता है। अगर समाज में यह दोष महिलाओं पर लगाया जाता है कि लड़की पैदा करने में सिर्फ उनकी जिम्मेदारी है तो यह सरासर गलत है। लड़की हो या लड़का इसके जन्म में दोषी माना जाए तो पूर्ण रूप से पुरुष ही इसके लिए जिम्मेदार होते हैं न कि महिला। समाज में अभी भी जागरूकता की कमी है। लड़की पैदा होने पर सारा दोष महिलाओं पर लगाया जाता है। यह सरासर गलत है। इसके लिए लोगों में शिक्षा के साथ जागरूकता बहुत जरूरी है।

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