विरोध / क्वारेंटाइन केंद्र पर अव्यवस्था के खिलाफ प्रवासियाें ने थाली लेकर सड़क किया जाम

Migrants jammed the road with a plate against the chaos at the Quarantine Center
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Migrants jammed the road with a plate against the chaos at the Quarantine Center

  • भीखा पंचायत के मध्य विद्यालय बलुआ डयोढ़ी में कामगाराें का हंगामा, की नारेबाजी
  • सेंटर पर साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं, भूखे रह जाते हैं प्रवासी
  • बीडीओ, सीओ और एसएचओ ने आक्राेशिताें काे समझा बुझाकर कराया शांत

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

अररिया. शनिवार को पलासी प्रखंड क्षेत्र के भीखा पंचायत के क्वारेंटाइन  सेंटर मध्य विद्यालय बलुआ ड्योढ़ी में रहे रहे सैकड़ाें प्रवासी श्रमिकाें ने व्यवस्था में गड़बड़ी काे लेकर बलुआ ड्योढ़ी चौक पर यातायात बाधित कर विरोध प्रदर्शन किया। विराेध प्रदर्शन के दौरान के प्रवासी श्रमिक भोजन का थाली लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। जाम करने की सूचना मिलते ही बीडीओ अविनाश झा, सीओ विजय कुमार गुप्ता तथा एसएचओ ओमप्रकाश ने घटना स्थल पर पहुंचकर आक्रोशित प्रवासिसयों को समझा बुझाकर जाम तुड़वाया। अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया तब जाकर कहीं प्रवासी माने अाैर जाम ताेड़ा।
प्रवासियाें काे मेन्यू के अनुसार नहीं मिलता भाेजन
क्वारेंटाइन में रह रहे प्रवासी श्रमिकों का आरोप है कि सेंटर में शुक्रवार की रात्रि हमलोगाें काे खाना नहीं दिया गया। जाे भाेजन मुहैया कराई जा रही है वह खाने याेग्य नहीं है। भाेजन की अास में कई प्रवासी भूखे साे जाते हैं। सेंटर पर साफ-सफाई की काेई व्यवस्था नहीं है लाेग यहां गंदगी के बीच रहने पर मजबूर हैं। भोजन के साथ नाश्ता भी टाइम पर नहीं दिया जाता है। नाश्ते में सिर्फ सूखा चूड़ा अाैर मूढ़ी दिया जाता है, जिसे मजबूरी में  खाना पड़ता है। प्रवासी मजदूराें ने मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने का अाराेप लगाते हुए इसके लिए सेंटर प्रभारियों काे जिम्मेदार ठहराया है। प्रवासियों ने बताया राज्य सरकार एक प्रवासी श्रमिक पर 300 रूपये भोजन के लिए देती है। लेकिन यहां तो 100 रूपए का भी भोजन नहीं दिया जा रहा है। इससे अच्छा तो हमलोग घर में रह लेते। सेंटर में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं की जाती है। सेंटर में मच्छर का प्रकोप इतना है कि रात भर मछर साेने नहीं देते हैं। इस स्थिति आखिर हमलोग क्या करें। चापाकल का भी पीनी पीने योग्य नहीं है। अभी तक सेंटर में रहने वालाें काे प्रसाधन किट भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर हाेगी कार्रवाई
इधर, बीडीओ अविनाश झा ने कहा कि दिल्ली, मुंबई तथा गुजरात से आए हुए मजदूर ही क्वारंेटाइन सेंटर में रहेंगे। अन्य प्रदेशों से आये हुए मजदूर होम क्वारंटाइन में रहेंगे। सीओ विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि होम क्वारंेटाइन में रह रहे लोगों द्वारा लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर आपदा अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। प्रदर्शन करने वालों में अमोद कुमार सिंह, रामविलास सिंह, सोहन लाल यादव, किशोर कुमार, रिंकू कुमार, मनोज कुमार आदि शामिल थे।
क्वारेंटाइन सेंटर में 51 प्रवासियाें की हुई मेडिकल जांच
शनिवार को प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय छपनियां क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे 51 प्रवासी मजदूरों का स्वास्थ्य जांच की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर जहांगीर आलम के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने प्रवासी श्रमिकों का जांच की। सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करते हुए सभी प्रवासी मजदूरों की जांच की गई। चिकित्सा पदाधिकारी ने प्रवासी श्रमिकों से हैंडवास से हाथ धोने, मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी। आपस में एक दूसरे से हाथ न मिलाएं और केंद्र को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें।
दस महिला व बच्चे क्वारेंटाइन के बाद भेजे गए घर
प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय खेसरैल से शनिवार को 14 दिन का क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण होने पर दस प्रवासी महिलाओं के साथ उनके बच्चों को घर भेज दिया गया। नोडल पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूएमएस खेसरैल को महिलाओं के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। समयावधि पूर्ण हो जाने के कारण सेंटर से दस महिला को घर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवासी महिला लॉकडाउन के दौरान झारखंड से आये थे, जिसे 14 दिन का क्वारेंटाइन में रखा गया था।
 

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