पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दर्दनाक:छह बहनों के बाद पैदा हुआ था बरकस राेते हुए मां बोली-मेरा सबकुछ लुट गया

कवैया (पलासी)2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • छह मासूमों की मौत के बाद कवैया में पसरा मातम, नहीं जले चूल्हे

जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर पलासी के चहटपुर पंचायत के कवैया गांव में मंगलवार को अाग में छह मासूमों की जिंदा जल जाने से पूरे गांव में मातम पसरा है। पीड़ित परिजनों के आंसू नहीं रुक रहे हैं। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। यूनुस के घर में तो मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। उसके तो दो जिगर के टुकड़े की मौत हो गई। मतीन और उसकी पत्नी नजमा का तो रो-रोकर बुरा हाल है। नजमा को पहले से छह बेटियां ही थीं। मन्नतों के बाद पुत्र बरकस पैदा हुआ था, जो अभी 4 साल का ही था, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। चार वर्षीय दिलबर उर्फ मुबारक के पिता मंजूर रोते-रोते चुप हो जाते थे। उसे इस बात का भी गम सता रहा था कि घटना उसके घर में हुई। घटना को लेकर कोई स्पष्ट बात तो सामने नहीं आयी। मंजूर के घर के दक्षिण तरफ खेत में एक पुआल का घर था। इसमे गेहूं का डंठल रखा था। पछिया हवा चल रही थी, लिहाजा डंठल काफी सूखा था। लोगों का अंदेशा है कि बच्चों द्वारा घर में गेहूं की बाली को आग में पकाकर खाने के लिए आग जलाई होगी। उसी आग की चिंगारी से घर में आग लग गई और घास से भरे घर में सभी बच्चे उलझकर रह गए व झुलसकर उनकी मौत हो गई।

हृदयविदारक : यह तस्वीर कवैया गांव में जिंदा जले छह मासूमों की है। तस्वीर देखकर ही अंदाजा लगाया जा सका है कि घटना कितनी भयानक होगी।
हृदयविदारक : यह तस्वीर कवैया गांव में जिंदा जले छह मासूमों की है। तस्वीर देखकर ही अंदाजा लगाया जा सका है कि घटना कितनी भयानक होगी।

जब तक मैं वहां पहुंचा, सब हो चुका था बर्बाद

कवैया में मंगलवार को जो हृदय विदारक घटना घटी, उसका आंखों देखा हाल बताते हुए मृतक अली हसन के चाचा मो. नय्यर फफककर रो पड़े। घर में आग लगने के बाद नैय्यर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। रोते हुए नैय्यर ने बताया कि जब तक मैं वहां पहुंचा और कुछ समझ पाता, तब तक तो सबकुछ बर्बाद हो चुका था। आग की लपटों ने छह मासूम जिंदगी को खत्मकर दिया था। घटना में नैय्यर के भतीजे 4 वर्षीय अलीहसन की मौत भी झुलसने से हो गयी है। मो नैय्यर ने बताया कि आग उन्होंने सबसे पहले देखा, घर के द्वार पर पुआल का ढेर गिरा हुआ था, आग से बचते हुए जबतक उसको हटाते तब तक तो अंदर खेल रहे सभी छह बच्चे खत्म हो चुके थे। उस पल को याद करके नैय्यर फफक कर रो पड़ते हैं। वे कहते हैं मैं तो समझ ही नहीं पाया कि इस घर में बच्चे थे। सन्नाटे के बीच कानों तक सिर्फ लोगों के रोने की आवाज सुनाई दे रही है। पोस्टमार्टम की जरूरी कार्रवाई के बाद बच्चे के शव को उनके परिजनों को सौंपा गया। गांव वाले भी पीड़ित परिजनों को संभालने में जुटे थे।

कवैया गांव में छह बच्चों की मौत के बाद विलाप करती बच्चे की मां और परिजन।
कवैया गांव में छह बच्चों की मौत के बाद विलाप करती बच्चे की मां और परिजन।

प्रशासन की चुस्ती, शव दफन होने से पहले मिला मुआवजा

अररिया | पलासी के कमैया गांव में मंगलवार को हुई घटना के बाद जिला प्रशासन ने चुस्ती दिखाते हुए शाम में सब दफन होने से पहले ही कबीर अंत्येष्टि योजना की राशि और मुआवजे के रूप में मिलने वाली राशि का चेक मृतक के परिजनों को प्रदान कर दिया। अधिकारियों ने श्याम में गांव पहुंचकर मृतक बच्चों के परिजनों को कबीर अंत्येष्टि योजना मद से 3000 और मुआवजा राशि के रूप में 4 लाख का चेक दिया। इस दौरान सदर एसडीओ शैलेश चन्द्र दिवाकर, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि सह भाजपा नेता रंजित यादव, एसडीपीओ पुष्कर कुमार,जिप सदस्य शब्बीर अहमद,बीडीओ अविनाश कुमार, सीओ विवेक मिश्र, मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार साह,पूर्व मुखिया शोएब आलम,मो निजामुद्दीन,मुखिया प्रतिनिधि हारून रशीद आदि मौजूद थे।

पीड़ित परिजनों से मिले जिप अध्यक्ष हरसंभव मदद करने का दिया भरोसा

,पलासी | कवैया गांव में आग लगने से छह मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। सभी बच्चे घास रखे घर में आग से गेहूं को पकाने के काम कर रहे थे। तभी ये हादसा हुआ। सभी बच्चे छह वर्ष से कम आयु के थे। इस घटना की खबर जंगल की आग के तरह फैल गई। जानकारी मिलते ही ज़िला परिषद अध्यक्ष आफताब अज़ीम उर्फ पप्पू अजीम कवैया गांव पहुंचे और घटना पर गहरा दुख प्रकट किया।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव - आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आप अपने प्रयासों में कुछ परिवर्तन लाएंगे और इसमें आपको कामयाबी भी मिलेगी। कुछ समय घर में बागवानी करने तथा बच्चों के साथ व्यतीत करने से मानसिक सुकून मिलेगा...

    और पढ़ें