सुखद:कोरोना से अतिरिक्त सुरक्षा की गारंटी प्री-कॉशन डोज

अररिया4 दिन पहले
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  • दोनों डोज लेने के बाद संक्रमित हुए पवन को रोग से उबरने में नहीं हुई कोई परेशानी

देश भर में बीते एक साल से कोरोना टीकाकरण की प्रक्रिया चल रही है। वैक्सीन की लगभग 150 करोड़ खुराक की खपत हो चुकी है। जिले में भी अभियान निरंतर प्रगति पर है। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को लगभग 24.87 लाख टीका की डोज लगायी जा चुकी है। बावजूद इसके कुछ लोगों के मन में अब भी टीकाकरण के प्रति संदेह है। पूर्ण टीकाकरण के बावजूद लोग संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे लोगों की सूची में मेरा नाम भी शामिल है, लेकिन सच्चाई यह है कि पूर्ण टीकाकरण के बावजूद दोबारा संक्रमित होने के बाद ही मुझे कोरोना टीका का महत्व समझ आया। हाल ही में कोरोना संक्रमण को मात दे चुके स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम रेहान अशरफ ने बताते हैं कि टीका लेने से पूर्व भी मैं संक्रमित हुआ था। संक्रमण से उबरने में 14 दिन से अधिक का वक्त लगा। संक्रमण से उबरने के बावजूद पूर्णत: ठीक होने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी, लेकिन पूर्ण टीकाकरण के बाद संक्रमण की चपेट में आने पर इससे उबरने में मुझे काफी कम समय लगा। तब जाकर मुझे टीका का महत्व समझ में आया।
डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने बताया कि टीकाकरण से पूर्व भी वे संक्रमित हो चुके थे। उस दौरान ऑक्सीजन लेबल से लेकर रोग से संबंधित तमाम सिमटम काफी अधिक थे। ठीक होने के बाद इतनी कमजोरी थी कि पूर्णत: स्वस्थ होने में उन्हें एक माह से अधिक का वक्त लगा। टीका का दोनों डोज लेने के बाद बीते सप्ताह दोबारा संक्रमित होने पर स्थितियां पहले की तुलना में ठीक उलट थी। घरेलू उपायों से महज तीन दिन
में दी संक्रमण को मात
प्रीकॉशन डोज लेने अररिया सदर अस्पताल परिसर स्थित केंद्र पर पहुंचे पवन कुमार ने बताया कि ड्यूटी में अपनी व्यस्तता की वजह से प्री-कॉशन डोज लगाने में थोड़ी देरी हुई। अन्यथा पहले दिन ही मैंने प्री-कॉशन डोज लेने की ठान रखी थी। पवन बताते हैं कि दोनों डोज लेने के बाद संक्रमित होने पर उन्होंने तुरंत खुद को आइसोलेट कर लिया। रोग के सामान्य लक्षण दिख रहे थे।

टीकाकरण के बाद संक्रमित होने पर नहीं हुई कोई परेशानी
टीका का दोनों डोज लेने के बाद संक्रमित हो चुके दिलीप कुमार सिंह, अशोक कुमार वर्मा, प्रभाकर प्रभात ने बताया कि टीका की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमित होने पर उन्हें किसी तरह की कोई खास परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। रोग से जल्द उबरने में टीकाकरण बेहद कारगर साबित हुआ। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा अपने काम के दौरान उन्हें हर दिन कई लोगों के संपर्क में आना होता है।

संक्रमण से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है प्री-कॉशन डोज
डीआईओ डॉ. मो मोईज ने कहा कि प्री-कॉशन डोज संक्रमण के खतरों से अतिरिक्त सुरक्षा की गारंटी है। टीका का काम ही शरीर में रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता का विकास करना है। शरीर अंदर से जितना मजबूत होगा। मजबूती से हम किसी रोग का मुकाबला करने में सक्षम होंगे।

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