उदासीनता / क्वारेंटाइन केंद्र पर नहीं हो रही निगरानी, प्रवासी जा रहे बाहर, एचएम के वेतन पर रोक

Quarantine center not being monitored, expatriates going out, HM's salary banned
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Quarantine center not being monitored, expatriates going out, HM's salary banned

  • सरकार के आदेशानुसार 150 से अधिक प्रवासियों के रहने पर सेंटर पर हो सीसीटीवी कैमरा
  • क्वारेंटाइन केंद्रों पर रह रहे 33000 लोगों की निगरानी के लिए नहीं है कोई ठोस प्रशासनिक व्यवस्था

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

अररिया. जिले में लगभग साढ़े 400 प्रखंड स्तरीय और पंचायत स्तरीय क्वारेंटाइन केंद्र है। जहां जिला प्रशासन के द्वारा भोजन और आवासन की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन क्वारेंटाइन केंद्रों पर रहने वाले 33000 लोगों की निगरानी के लिए कोई ठोस प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है।

सरकार का निर्देश है कि 150 से अधिक लोगों के रहने पर क्वारेंटाइन केंद्र में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना है। लेकिन कई ऐसे क्वारेंटाइन केंद्र हैं, जहां 200 से भी अधिक प्रवासी मजदूर व अन्य लोग हैं। इसके बाद भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है।

इस वजह से कई लोग क्वारेंटाइन केंद्र से बाजार निकल जाते हैं और रात को अपने घर सोने चले जाते हैं। व्यवस्थाओं की पोल पिछले दिनों डीएम के निरीक्षण से भी खुली है। कहीं क्वारेंटाइन केंद्रों पर दो महिला प्रवासी भी हैं। कई जगह से यह भी शिकायत मिल रही है कि उन्हें पहनने के लिए लूंगी दिया जा रहा है। डीएम के द्वारा पिछले दिनों किए गए निरीक्षण में जोकीहाट के क्वारेंटाइन केंद्रों की पोल खुल गई। इसके बाद डीएम ने अधिकारियों व शिक्षकों पर कार्रवाई की।

क्वारेंटाइन केंद्रों के लोगों को नहीं मिला डिग्निटी किट

जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय धापी का डीएम ने 18 मई को निरीक्षण किया था। इसमें पाया गया कि 152 प्रवासी हैं। जिसमें मात्र 65 लोगों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ है। 150 से अधिक लोगों के होने की स्थिति में सीसीटीवी कैमरा और ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने का निर्देश है। डीएम ने पाया कि इस सेंटर पर में मेस कमेटी, आपसी सुरक्षा समिति और मनोरंजन समिति आदि का गठन आदेश के बाद भी नहीं किया गया है।

इस आरोप में डीएम ने जोकीहाट के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और बीआरपी का वेतन बंद करते हुए स्पष्टीकरण पूछा। डीएम ने यह भी पाया कि इस सेंटर में रह रहे लोगों को साबुन और डिग्निटी किट भी नहीं दिया गया है।

डीएम ने दिए एफआईआर के आदेश

 हर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मैनेजर टोला डूबा के निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि प्रवासी मजदूर अकलीम नामक व्यक्ति मौजूद नहीं है। कुछ देर के बाद वह आया और पूछने पर बताया कि वह कुछ देर के लिए अपने घर गए थे। डीएम ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए सीओ को उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। डीएम ने प्रवासी मजदूरों के बीच से ही सुरक्षा समिति बनाए जाने का निर्देश दिया।

क्वारेंटाइन केंद्र पर रहने वाले लोगों के लिए ना तो रोशनी की व्यवस्था की गई है और ना ही पंखा लगाया गया है। 18 मई को हुए निरीक्षण के दौरान डीएम ने उमा नाथ राय उच्च विद्यालय उदा हाट का भी जायजा लिया। इस सेंटर में 127 लोग ठहरे थे और मात्र 36 लोगों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ था। बताया गया कि यह शिविर 9 मई से ही चल रहा है। लेकिन यहां ना तो निरीक्षण पंजी पाया गया और ना ही माइक की व्यवस्था। 

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