अररिया में फर्जी नियोजन:2015 में बने प्रखंड शिक्षक, 2018 में हो गए चयनमुक्त, मिलीभगत के खेल में 3 साल बाद फिर हो गए बहाल

अररिया6 महीने पहले
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सांकेतिक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
सांकेतिक तस्वीर।
  • पलासी प्रखंड का है मामला, BEO ने किया कारनामा, निगरानी कोषांग में तैनात शिक्षक पर फोल्डर बनाने का बनाया दबाव
  • निगरानी कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी और रानीगंज BEO ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंपी रिपोर्ट

अररिया जिला शिक्षक नियोजन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही चर्चा में रहा है। जितना फर्जी नियोजन और फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजन अररिया जिले में हुआ, शायद ही राज्य के किसी जिले में हुआ होगा। इस्तीफा दे चुके शिक्षक को भी अररिया जिले में योगदान कराया गया। अब जिले में एक और फर्जी नियोजन का माला सामने आया है। पलासी प्रखंड क्षेत्र के एक प्रखंड शिक्षक को गलत डिग्री के आधार पर 2018 में चयनमुक्त कर दिया गया, लेकिन मिलीभगत के इस खेल में उस अभ्यर्थी को 3 साल के बाद फिर से शिक्षक मानते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रतिमा कुमारी ने योगदान भी करा दिया।

मामला यहीं तक नहीं रहा, बल्कि उस शिक्षक के सेवा को मैनेज करने के लिए निगरानी कोषांग में पूर्व से जमा फोल्डर को बदलने के लिए कोषांग में तैनात शिक्षक पर दबाव भी बनाया गया। इसका खुलासा तब हुआ, जब निगरानी कोषांग में तैनात पदाधिकारी और रानीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इस पूरे मामले में रिपोर्ट सौंपी। रानीगंज के BEO कामेंद्र कुमार कामेश ने इस पोल खोल रिपोर्ट को DEO, DPO से लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक तक सौंपी है।

क्या है पूरा मामला
शरद कुमार मिश्रा का नियोजन 2015 में उमवि पेचैली पलासी में हुआ था, लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा में पेपर वन व पेपर टू में सिर्फ क्वालिफाइड होने की वजह से वर्ग 6 से 8 वाले में नियोजित होने के बावजूद हाथ धोना पड़ा। दरअसल नियमावली के तहत दोनों पेपर में क्वालिफाइड वाले अभ्यर्थी सिर्फ वर्ग एक से 5 वाले में ही नियोजन की अहर्ता रखते थे। दुबारा नियोजन करने के मामले में पलासी के तत्कालीन BDO की भूमिका मानी जा रही है।

पलासी BEO पर लगाया गम्भीर आरोप
DEO कार्यालय में गठित शिक्षक निगरानी कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सह रानीगंज BEO कामेंद्र कुमार कामेश ने विस्तृत जांच रिपोर्ट स्थापना DPO को सौंपी है। इसी रिपोर्ट की कॉपी उन्होंने DEO, पूर्णिया प्रमंडल के RDDE के अलावा निगरानी जांच अधिकारी को भी दी है। इसमें पलासी की BEO प्रतिमा कुमारी पर कई गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012 नियोजन के तहत 2015 के मार्च महीने में शरद मिश्र का नियोजन वर्ग 6-8 तक के लिए स्नातक ग्रेड में उनके इसी आवेदन के आलोक में किया गया था] लेकिन जांच के दौरान 2018 में शरद मिश्र का TET प्रमाण पत्र द्वितीय पेपर में उतीर्ण फर्जी पाया गया। इस आलोक में 3 दिसम्बर 2018 में उनकी सेवा समाप्त करते हुए उन्हें चयनमुक्त कर दिया गया।

इसी साल 2 फरवरी को फिर से कर दिया नियोजित
जिस शरद कुमार मिश्रा को मार्च 2018 में चयनमुक्त कर दिया गया] उसका फिर से पुनर्नियोजन 2 फरवरी 2021 की तिथि में प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई ने किया। तत्कालीन BDO अविनाश झा ने नियोजन करते हुए नियोजन पत्र भी जारी किया। इसमें इसी BEO प्रतिमा कुमारी की अनुशंसा का जिक्र है। सूत्रों की मानें तो BEO कार्यालय स्तर से ही मैनेज का पूरा खेल हुआ है। निगरानी कोषांग के पदाधिकारी सह रानीगंज BEO की रिपोर्ट पर गौर करें तो आवेदन बदल कर वर्ग 1 से 5 वाला आवेदन दिखाकर चूकवश 6 से 8 वाले में नियोजन बताया गया। शिक्षा विभाग सूत्रों की मानें तो इस नियोजन खेल में मोटी रकम का भी खेल हुआ है। BDO के स्तर से 2 फरवरी को नियोजन किया गया और 2 फरवरी को ही BEO प्रतिमा कुमारी ने योगदान भी स्वीकृत कर लिया। रानीगंज BEO ने रिपोर्ट में लिखा है कि पलासी BEO के द्वारा फोल्डर बदलने की साजिश रची गई जो अपराध है। इस सम्बंध में जब पलासी BEO से सम्पर्क करने के लिए उनके मोबाइल पर फोन किया गया तो नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया।

निदेशालय को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
स्थापना DPO देवनंदन तांती अररिया ने बताया कि शिक्षक निगरानी कोषांग के प्रभारी अधिकारी की रिपोर्ट मिली है। पलासी BEO ने जघन्य अपराध किया है। उन्हें यह मालूम ही नहीं था कि कार्यालय में पहले से ही फोल्डर उपलब्ध है। इस मामले में BEO पलासी के खिलाफ निदेशालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

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