बीईओ का कमाल:2015 में फर्जी डिग्री पर बनेे शिक्षक, 2018 में हटाए गए, 2021 में फिर हो गए बहाल

अररिया | अमित कुमार अमन​​​​​​​6 महीने पहले
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  • निगरानी कोषांग में तैनात पदाधिकारी और रानीगंज बीईओ की रिपोर्ट से खुलासा
  • निगरानी कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी और रानीगंज बीईओ ने सौंपी रिपोर्ट

अररिया जिला शिक्षक नियोजन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही काफी चर्चा में रहा है। जितना फर्जी नियोजन और फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजन अररिया जिले में हुआ, शायद ही सूबे के किसी जिला में हुआ होगा। अब जिले के पलासी प्रखंड क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जो पूरी शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। पलासी प्रखंड क्षेत्र के एक प्रखंड शिक्षक को फर्जी डिग्री के आधार पर 2018 में चयन मुक्त कर दिया गया। लेकिन मिलीभगत के इस खेल में उस अभ्यर्थी को 3 साल के बाद फिर से शिक्षक मानते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रतिमा कुमारी ने योगदान भी करा दिया। मामला यहीं तक नहीं रहा बल्कि उस शिक्षक के सेवा को मैनेज करने के लिए निगरानी कोषांग में पूर्व से जमा फोल्डर को बदलने के लिए कोषांग में तैनात शिक्षक पर दबाव भी बनाया गया। इसका खुलासा तब हुआ, जब निगरानी कोषांग में तैनात पदाधिकारी और रानीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इस पूरे मामले में रिपोर्ट सौंपी। रानीगंज के बीईओ कामेंद्र कुमार कामेश ने इस पोल खोल रिपोर्ट को डीईओ, डीपीओ से लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक तक सौंपी है। शरद कुमार मिश्रा का नियोजन 2015 में उमवि पेचैली पलासी में हुआ था। लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा में पेपर टू में फर्जी क्वालिफाईड डिग्री देने की वजह से वर्ग 6 से 8 में नियोजित होने के बावजूद हाथ धोना पड़ा। दोबारा नियोजन करने के मामले में पलासी के तत्कालीन बीडीओ की भूमिका मानी जा रही है।

2 फरवरी 2021 को फिर से कर दिया नियोजित
जिस शरद कुमार मिश्रा को मार्च 2018 में चयनमुक्त कर दिया गया उसका फिर से पुनर्नियोजन 2 फरवरी 2021 की तिथि में प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई ने किया। तत्कालीन बीडीओ अविनाश झा ने नियोजन करते हुए नियोजन पत्र भी जारी किया। इसमे इसी बीईओ प्रतिमा कुमारी के अनुशंसा का जिक्र है। सूत्रों की माने तो बीईओ कार्यालय स्तर से ही मैनेज का पूरा खेल हुआ है। निगरानी कोषांग के पदाधिकारी सह रानीगंज बीईओ के रिपोर्ट पर गौर करें तो आवेदन बदल कर वर्ग 1 से 5 वाला आवेदन दिखाकर चुकवश 6 से 8 वाले में नियोजन बताया गया। शिक्षा विभाग सूत्रों की माने तो इस नियोजन खेल में मोटी रकम का भी खेल हुआ है। बीडीओ के स्तर से 2 फरवरी को नियोजन किया गया और 2 फरवरी को ही बीईओ प्रतिमा कुमारी ने योगदान भी स्वीकृत कर लिया। रानीगंज बीईओ ने रिपोर्ट में लिखा है कि पलासी बीईओ के द्वारा फोल्डर बदलने का साजिश रचा गया जो जघन्य अपराध है। बीईओ ने प्रतिमा कुमारी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जोकीहाट के प्रभार से मुक्त करने की भी अनुशंसा की है। इस संबंध में जब पलासी बीईओ से सम्पर्क करने के लिए उनके मोबाइल पर फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया।

पलासी बीईओ प्रतीमा कुमारी पर लगाए गंभीर आरोप
डीईओ कार्यालय में गठित शिक्षक निगरानी कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सह रानीगंज बीईओ कामेंद्र कुमार कामेश ने विस्तृत जांच रिपोर्ट स्थापना डीपीओ को सौंपी है। इसी रिपोर्ट की कॉपी उन्होंने डीईओ, पूर्णिया प्रमंडल के आरडीडीइ के अलावा निगरानी जांच अधिकारी को भी दी गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012 नियोजन के तहत 2015 के मार्च महीने में शरद मिश्र का नियोजन वर्ग 6-8 तक के लिए स्नातक ग्रेड में उनके इसी आवेदन के आलोक में किया गया था। लेकिन जांच के दौरान 2018 में शरद मिश्र का टीईटी प्रमाण पत्र द्वितीय पेपर में उतीर्ण फर्जी पाया गया। इस आलोक में 3 दिसम्बर 2018 में उनकी सेवा समाप्त करते हुए चयनमुक्त कर दिया गया।

यह जघन्य अपराध, बीईओ पलासी के खिलाफ निदेशालय को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
शिक्षक निगरानी कोषांग के प्रभारी अधिकारी की रिपोर्ट मिली है।पलासी बीईओ ने जघन्य अपराध किया है। उन्हें यह मालूम ही नहीं था कि कार्यालय में पहले से ही फोल्डर उपलब्ध है। इस मामले में बीईओ पलासी के खिलाफ निदेशालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। -देवनंदन तांती स्थापना डीपीओ अररिया।

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