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यह तस्वीर डरा रही... पर कहानी रुलाती है:दाह-संस्कार के लिए कोई नहींं आया तो बेटी ने घर के पास ही खेत में दफनाया

अररिया /रानीगंज2 महीने पहले
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संवेदना तार-तार :  मन को झकझोरने वाली यह तस्वीर अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड की है, जहां कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद गांव वाले शव के दाह-संस्कार के लिए आगे नहीं आए। इस कारण बेटी को शव को घर के पास एक खेत में दफनाना पड़ा। - Dainik Bhaskar
संवेदना तार-तार : मन को झकझोरने वाली यह तस्वीर अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड की है, जहां कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद गांव वाले शव के दाह-संस्कार के लिए आगे नहीं आए। इस कारण बेटी को शव को घर के पास एक खेत में दफनाना पड़ा।
  • कोरोना से पिता की मौत के 4 दिन बाद मां का भी निधन

जिले के रानीगंज प्रखंड में कोविड से पति-पत्नी की मौत के बाद झकझोर देने वाली घटना सामने आई। चार दिन पहले पूर्णिया में पिता बीरेंद्र मेहता की मौत हो गई, वहीं उनका दाह-संस्कार कर दिया गया। आर्थिक तंगी की वजह से पूर्णिया में भर्ती मां प्रियंका देवी को बेटी घर ले आई। स्थिति बिगड़ने पर शुक्रवार को मधेपुरा मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान उनकी भी मौत हो गई। शव को एंबुलेंस से वापस गांव लाया गया। ग्रामीण दाह-संस्कार करने के लिए जब तैयार नहीं हुए तो गांव के पास ही खेत में बड़ी बेटी ने मां के शव को पीपीई किट पहनकर दफना दिया। जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के बिशनपुर पंचायत में एक ही परिवार के पति-पत्नी को कोरोना ने लील लिया। जिसको लेकर बिशनपुर के लोगों के बीच दहशत का माहौल है। पति-पत्नी की मौत कोरोना से होने की पुष्टि रानीगंज के पीएचसी प्रभारी और बिशनपुर पंचायत के मुखिया ने भी की है। मां-बाप का साया सिर से उठने के बाद तीन छोटे-छोटे बच्चे को अपनी मां के शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। मृतक की बड़ी पुत्री सोनी कुमारी ने पीपीई किट पहनकर अपनी मां के शव को गड्ढे में डालकर उनका अंतिम संस्कार किया। बिशनपुर पंचायत के मुखिया सरोज कुमार मेहता ने बताया की बिशनपुर पंचायत के मधुलत्ता गांव वार्ड 7 निवासी पति बीरेंद्र मेहता व पत्नी प्रियंका देवी 28 अप्रैल को एक साथ बीमार हुए थे। दोनों फारबिसगंज में कोरोना की जांच कराया तो पॉजिटिव पाए गए। जिसके सम्पर्क में उनके तीनों बच्चे घर में साथ थे। इस मामले को लेकर रेफरल अस्पताल रानीगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संजय कुमार ने मधुलत्ता में कोरोना से पति व पत्नी की मौत की पुष्टि की है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि उस गांव में जांच टीम भेजी जाएगी और मृतकों के परिजनों की भी जांच कराई जाएगी

बेटी ने पीपीई किट पहन मां के शव को दफनाया
शुक्रवार को प्रियंका के शव को गांव लाया गया। कोरोना संक्रमण की वजह से मौत होने के बाद गांव और समाज के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। ऐसी स्थिति में मां और बाप का साया सिर से उठ जाने के बाद तीन छोटे-छोटे बच्चों ने मिलकर मां के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया। प्रियंका की बड़ी पुत्री सोनी कुमारी ने किसी तरह गड्ढा खोदकर और खुद पीपीई किट पहनकर मां के शव को दफना कर अंतिम संस्कार किया।प्रियंका की दो बेटी व एक बेटा पर से मां व पिता का साया हमेशा के लिए छिन गया।

28 अप्रैल को हुई जांच में पाए गए थे पॉजिटिव
बिशनपुर वार्ड 7 के बीरेंद्र मेहता (40) और पत्नी प्रियंका देवी (32) 28 अप्रैल को फारबिसगंज में हुई थी। दोनों पॉजिटिव पाए गए। पूर्णिया के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बीरेंद्र मेहता की मौत हो गई। अंतिम संस्कार पूर्णिया में ही किया गया। पत्नी प्रियंका देवी की स्थिति गंभीर थी। पैसे की कमी की वजह से परिजन प्रियंका को बुधवार को घर ले आए। गुरुवार की देर रात प्रियंका की हालत बिगड़ने लगी, परिजन उसे पहले रानीगंज अस्पताल ले गए। यहां से फारबिसगंज और वहां से मधेपुरा रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही पिपरा के पास महिला की मौत हो गई।

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