लापरवाही:19 पंचायतों में 24 उपस्थास्थ्य केंद्र, इनमें आधे से अधिक भाड़े पर संचालित, बाकी जर्जर भवन में

बांका13 दिन पहले
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  • उपस्वास्थ्य गुलनी में लापरवाही, वैक्सीन का डिस्पोजल खुले में फेंका जाता

जिले में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। शंभूगंज में गुलनी उपस्वास्थ्य केंद्रों की हालत बदतर है। प्रखंड के सभी 19 पंचायतों में 24 उपस्वास्थ्य केंद्र है। जिसमें आधे से अधिक जगहों पर भाड़े के मकानों में केंद्र संचालित हो रहा है। बाकी जगहों पर सरकारी भवनों की हालत बद से बदतर है। ऐसे में उपस्वास्थ्य केंद्र गुलनी की बात करें तो यह केंद्र दशकों से जर्जर है। यहां चारो तरफ गंदगी का अंबार है। कर्मियों की लापरवाही से वैक्सीनेशन में उपयोग किया गया डिस्पोजल अथवा अन्य सर्जिकल सामान खुले में फेंक दिया जाता है। उपस्वास्थ्य केंद्र के ठीक पीछे बुनियादी विद्यालय है। ऐसे में संक्रमण फैलने की आंशका बढ़ गई है।

साल में दो ही बार आते हैं चिकित्सक
ग्रामीण दिव्यांशु कुमार ने बताया कि इस उपस्वास्थ्य केंद्र गुलनी पर आयुष चिकित्सक डॉ. आलमगीर की ड्यूटी है। चिकित्सक सालभर में मुश्किल से एक या दो बार पहुंचते हैं। पिछले कोरोना काल के समय से इस केंद्र पर वैक्सीनेशन का काम चल रहा है। इसके बावजूद भी कचरा निस्तारण का इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्रालय से करने की बात कही है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक संजय सिंह ने अनभिज्ञता व्यक्त की।

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