मकर संक्रांति आज:सुबह 4.40 से 6.29 तक स्नान का अमृत काल, दोपहर 11.46 से लेकर 12.29 तक स्नान का अभिजीत मुहूर्त

बांका13 दिन पहले
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  • इस बार तीन घंटे 2 मिनट है पुण्यकाल की अवधि, गंगा स्नान का है खास महत्व
  • 15 जनवरी से शुरू होगा वैवाहिक लग्न समेत अन्य शुभ कार्य

इस बार मकर संक्रांति का त्यौहार पौष शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 जनवरी यानि शुक्रवार को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान भास्कर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर उत्तर पथगामी हो जाएंगे। इसके साथ ही खरमास भी समाप्त हो जाएगा। उक्त जानकारी पंडित नंद कुमार निर्मल ने दी। बताया कि शुक्रवार को दिन के 12 बजे से पुण्याहतिल संक्रांति का योग है। शुक्रवार से ही प्रयाग में कल्पवास और माघी स्न्नान भी शुरू होगा। साथ ही 15 जनवरी से शुद्धारम्भ होगा। वैवाहिक लग्न अौर अन्य शुभ कार्य किए जा सकेंगे। गुरुवार को मकर संक्रांति को लेकर लोगों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। बाजार में चूड़ा व तिलकुट के दुकानों पर भी भीड़ देखी गई। जबकि लोगों के घरों से गर्म गुड़ की सोंधी खुशबू भी निकलने लगी थी। पंडित ने बताया कि आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है, इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

मकर संक्रांति का शुभ स्नान मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:46 से दोपहर 12:29 तक
अमृत काल- शाम 04:40 से 06:29 तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:38 से 06:26 तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 01:54 से 02:37 तक
गोधूलि बेला- शाम 05:18 से 05:42 तक रहेगा
मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त
मकर संक्रांति पुण्य काल-दोपहर 02:43 से 05:45 तक
पुण्य काल की अवधि- 03 घंटे 02 मिनट
महा पुण्य काल- दोपहर 02:43 से रात्रि 04:28 तक

सूर्य को अर्घ्य देने से होगा लाभ
बताया कि इस दिन सुबह दैनिक क्रियाकलाप के बाद स्नान कर लोटे में लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्ध्य दें। सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें। इस दिन भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी व भगवान शिव की भी पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनुष्य का सोया भाग भी खुल जाता है। पंडित नंद कुमार निर्मल ने बताया कि इस दिन श्रीमदभागवत का एक अध्याय या गीता का पाठ करें। नए अन्न, तिल, घी आदि का दान करना अति शुभ है।

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