बांका में दिनदहाड़े डबल मर्डर:पुरानी रंजिश में वारदात; एक पक्ष ने चाचा-भतीजा को पहले दौड़ा-दौड़ाकर पीटा फिर चाकू से गला रेतकर मार डाला

बांका5 महीने पहले
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दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाती पुलिस।

बांका में पुरानी रंजिश में दिनदहाड़े चाचा-भतीजा की धारदार हथियार से निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई, जबकि 1 महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना कटोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत खांड़ीपर गांव के निकट डांड़ीपर टोला में हुई। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे चाचा-भतीजा बाइक से बकरा खरीदने डांड़ीपर टोला आया था। गांव घुसते ही पूर्व से घात लगाए करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने दोनों पर हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों जान बचाने के लिए भागने लगे।

दूसरे पक्ष के लोगों ने न सिर्फ दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, बल्कि चाकू से दोनों की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। दोनों के शरीर पर जख्म के कई निशान भी हैं। इसी बीच दोनों को बचाने पहुंची महिला पर भी दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई।

पुलिस ने डेढ़ दर्जन लोगों पर नामजद FIR दर्ज की

घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानेदार नीरज तिवारी के अनुसार, आपसी रंजिश में दोनों की हत्या की गई है। मामले में डेढ़ दर्जन लोगों पर नामजद FIR दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है।

मृतकों की पहचान डांड़ीपर टोला निवासी विनोद राय (55) और उसके भतीजे रंजीत राय (30) के रूप में हुई, जबकि जमुनी देवी (50) घायल है। जमुनी रिश्ते में रंजीत की चाची लगती है। उसकी हालत गंभीर है।

घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन।
घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन।

2019 में गिरी थी दूसरे पक्ष से एक युवक की लाश

डांड़ीपर टोला में करीब 5 बीघा जमीन को लेकर विनोद राय और नरेश राय की परिवार के बीच पिछले 4 साल से विवाद चल रहा था। 7 दिसंबर 2019 की रात को नरेश राय के बेटे पवन राय की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विनोद राय का भाई भरत राय और भतीजा रंजीत राय समेत 6 लोगों को नामजद किया गया था। भरत राय इसी मामले में जेल में सजा काट रहा है।

2 माह पहले ही जेल से निकला था रंजीत

परिजनों का कहना था कि रंजीत कुमार 2 माह पहले ही पवन राय के मर्डर केस में जेल से जमानत पर बाहर आया था। वह दूसरे पक्ष के डर से विनोद राय के ससुराल में रहता था। शुक्रवार को देवानी पूजा के लिए रंजीत बकरा खरीदने के लिए अपने चाचा विनोद राय के साथ गांव आया था। इस बात की भनक नरेश राय को लग गई। इसके बाद उसने अपने लोगों से मिलकर दोनों की निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग पुलिस से हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

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