नदी में डूबकर 12 साल के बच्चे की मौत:बांका में दोस्तों के साथ नहाने गया था बालक, पैर फिसलने से 15 फीट गढ्डे में चला गया; एक घंटे बाद मिली लाश

धोरैया/ बांकाएक वर्ष पहले
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घटना के बाद लगी लोगों की भीड़। - Dainik Bhaskar
घटना के बाद लगी लोगों की भीड़।

बांका के धोरैया थाना क्षेत्र स्थित बलमचक गांव स्थित गेरूआ नदी में डूबने से एक 12 साल के बच्चे की मौत हो गई। सोमवार दोपहर बाद बलमचक गांव निवासी मो. शाहिद के इकलौते पुत्र मो. दानिश नहाने लिए नदी में गया था, तभी हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। तैराकों ने नदी में उतरकर करीब एक घंटे तक खोजबीन की, जिसके बाद 15 फीट गढ्डे से दानिश की लाश को बाहर निकाला गया।

इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार नदी में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। ग्रामीणों से कई बार अपील की गई है बारिश के मौसम में नदी में नहाना या अन्य कार्य न करें लेकिन लोग लापरवाही बरतते हैं। बारिश में नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो जाती है। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों को नदी में जाने से रोकना चाहिए।

परिजनों का कहना है कि मो. दानिश अपने कुछ साथियों के साथ सोमवार की दोपहर बाद गांव के समीप गेरूआ नदी में स्नान करने के लिए गया था। इस दौरान दानिश अपने साथियों से बिछड़कर कुछ दूर नदी में स्नान करने लगा लेकिन नदी में बने गड्डे का उसे अंदाजा नही चल पाया और करीब 15 फीट गहरे गड्डे में डूब गया। लेकिन दानिश को डूबते हुए साथ गए किसी भी बच्चे ने नहीं देखा। करीब एक घंटे के बाद जब घर जाने के लिए साथ गए बच्चे दानिश को ढूंढने लगे। तब किसी बच्चे की नजर उसके स्नान के पूर्व खोले गए कपड़े पर पड़ी। लेकिन, आसपास खोजबीन करने के बाद दानिश का कोई पता नहीं चलने पर शोर मचाते हुए उसके कपड़े को लेकर बच्चे दानिश के घर पहुंच मामले की जानकारी दी। इसके बाद तैराकों ने खोजबीन कर दानिश की लाश को बाहर निकाला।

लोगों का कहना है कि दानिश बचपन से ही अपने माता-पिता के साथ मुम्बई में रहता था। उनके पिता मो. साहिद मुम्बई के किसी कम्पनी में काम करते हैं। पूरा परिवार ईद पर्व के मौके पर सपरिवार अपने गांव आए थे। बुधवार को सभी लोगों के मुम्बई जाने वाले थे।

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