पूजा-पाठ:कलश स्थापना के साथ आज से शुरू हाेगा चैती नवरात्र

बांका8 महीने पहले
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  • काेराेना काे लेकर घर में श्रद्धालु करेंगे मां की पूजा, साेमवती अमावस्या काे ले पीपल वृक्ष की हुई आराधना

चैत नवरात्र 13 अप्रैल यानि मंगलवार से शुरू हाे रहा है। नवरात्रि काे लेकर इस बार भी श्रद्धालुअाें के उत्साह में काेराेना संक्रमण काे लेकर कमी देखी जा रही है। काेराेना के गाइडलाइन के अनुसार की श्रद्धालु इस बार भी घर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेगें। काेराेना संक्रमण को लेकर चैत माह की नवरात्रि में मंदिरों में पूजा-पाठ बंद हैं। सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार केवल घरों में ही पूजा-पाठ होगा। इस साल नवरात्रि के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग शुभमुहूर्त रहेंगे। इन्‍हीं शुभ मुहूर्त में घरों में कलश का स्थापना की जाएगी। पंडित शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि इस बार नवरात्रि में घाेड़ा पर सवार हाेकर मां का अागमन हाेगा। 13 अप्रैल काे सुबह 8 बजकर 46 मिनट से पहले कलश स्थापना की शुभ मुर्हूत है। इसके बाद अभिजीत मुर्हूत 11 बजकर 36 मिनट से दाेपहर 12 बजकर 24 मिनट तक है। काेराेना काे लेकर इस बार मंदिराें में प्रतिमा प्रतिष्ठापित कर पंंडित के द्वारा पूजा कराई जाएगी। वही 21 अप्रैल काे रामनवमी व 22 काे दशमी के साथ चैती दुर्गा पूजा का समापन हाे जाएगा। चैती नवरात्र काे लेकर शहर के शिवाजी चाैक, गांधी चाैक सहित अन्य बाजाराें में खरीदारी करने के लिए लाेगाें की भीड़ देखी गई। साेमवार की शाम काे नवरात्र काे लेकर बाजार पहुंच कर पूजन सामग्री खरीदने में लाेग व्यस्त दिखें। श्रद्धालु मिट्टी का कलश, हांडी, दीया आदि खरीदा गया।

पति के दीर्घायु होने की महिलाओं ने की कामना की
सोमवार को सोमवती अमावस्या को लेकर महिलाओं ने पीपल वृक्ष की पूजा की। अहले सुबह महिलाएं पूजा सामग्री के साथ अपने घर के नजदीक पीपल वृक्ष के पास जाकर पूजा अर्चना की। वहीं पीपल वृक्ष की पूजा कर 108 बार परिक्रमा कर कच्चा धागा वृक्ष में लपेटा। इस दौरान महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु व अपने परिवार के सुखमय जीवन की कामना की। भयहरणनाथ मंदिर के पंडित शंकर झा ने कहा कि सोमवार को होने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवार भगवान शिव को समर्पित हैं। इसलिए सोमवती अमावस्या का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि सोमवती अमावस्या के दिन किया गया।

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