कार्यशाला का आय़ोजन:सही रिपोर्टिंग करने से मृत्यु दर में आएगी कमी

बांका2 महीने पहले
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कार्यशाला के दौरान मौजूद पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
कार्यशाला के दौरान मौजूद पदाधिकारी।
  • आशा कार्यकर्ता को एक मौत की रिपोर्टिंग करने के लिए 1200 रुपए देने का प्रावधान

मंगलवार को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला का आय़ोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारी सम्मिलित हुए। प्रशिक्षण का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो, डीआईओ डॉ. योगेंद्र मंडल, एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी, डीसीक्यूए डॉ. जावेद अली, सीडीओ, केयर इंडिया डीटीएल तौसीफ कमर प्रशिक्षक एसपीओ-निपी डॉ. मनीष और पाथ फाउंडेशन के रमाकांत ने संयुक्त रूप से किया। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की रिपोर्टिंग सही तरीके से करने पर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। आशा कार्यकर्ता को एक मौत की रिपोर्टिंग के लिए कुल 1200 रुपये देने का प्रावधान है। सही तरीके से रिपोर्टिंग नहीं हो पाने से इसे लेकर लोगों में जागरूकता की भी कमी है। जागरूकता बढ़ेगी तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में अपने आप गिरावट आएगी। इसलिए प्रशिक्षण में मौजूद सभी अस्पताल प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में इसकी रिपोर्टिंग को सही करवाएं। साथ ही प्रशिक्षण में बताई गई बातों को अमल में लाएं इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।

रेफर करने में नहीं करें देरी
राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधियों ने डिलीवरी के दौरान जटिलता बढ़ने पर रेफर करने में देरी नहीं करने की सलाह दी। रेफर करने में देरी करने से भी नुकसान होता है। कार्यशाला के दौरान पाथ फाउंडेशन के प्रतिनिधि रमाकांत ने शिशु मृत्यु समीक्षा के महत्त्व को रेखांकित करते हुए इस प्रक्रिया को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि शिशु मृत्यु समीक्षा, SDG-2030 के शिशु मृत्यु संबंधी लक्ष्य को हासिल करने का महत्वपूर्ण साधन है। कार्यक्रम में मौजूद निजी चिकित्सकों ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर काउंसिलिंग की बात कही।

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