कोरोना और ठंड का नहीं दिखा भय:मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

बांका10 दिन पहले
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मंदार स्थित पापहरणी सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
मंदार स्थित पापहरणी सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु।
  • मान्यता के अनुसार मंदार में सवा लाख करोड़ देवी-देवता मौजूद

मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था और परंपरा के महास्नान के लिए मंदार की तराई में स्थित पापहरणी सरोवर में महास्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शुक्रवार सुबह से ही स्नान के लिए भक्तों का ताता लगा रहा। ठंड के बावजूद मकर संक्रांति पर स्नान के लिए कई दिन पहले से ही सफा धर्मावलंबियों का जमावड़ा मंदार में लगा हुआ है। लोगों ने स्नान के बाद अपने ईष्टदेव की पूजा अर्चना के बाद पारंपरिक व्यंजन का भरपूर आनंद लिया। मंदार पर्वत का आरोहण कर सुख समृद्धि की कामना की। वैश्विक महामारी के कारण सरकार द्वारा घोषित निर्देश के अनुसार मंदिरों में तालाबंदी के बावजूद श्रद्धालुओं ने मंदिर द्वार पर ही भगवान को पुष्प अर्पित किए। मेला का आयोजन नहीं होने के कारण विगत वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। मकर संक्रांति के दौरान दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ इस पर्व का आनंद लिया। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन मंदार में सवा करोड़ देवी देवता विद्यमान रहते हैं।

पापहरणी में स्नान करने से पापों का होता है नाश
दूसरी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन पापहरणी सरोवर में स्नान करने से पाप और रोगों का नाश होता है। मंदार पर्वत पर आज भी कई महत्वपूर्ण औषधी है, जिसका जल बरसात के दिनों में मंदार पर्वत से होकर पापहरणी सरोवर में गिरता रहता है। ऐसे में पापहरणी सरोवर में खासकर इस दिन स्नान करने से चर्म रोग से भी लोगों को मुक्ति मिलती है। कोरोनाकाल से पहले तक मकर संक्रांति के अवसर पर लोग 4 बजे सुबह से हीं डुबकी लगाना शुरू कर देते थे और दिन भर यह सिलसिला चलता रहता था।

मंदार महोत्सव नहीं लगने से लाखों का नुकसान

पूर्वी बिहार का प्रसिद्ध मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाला प्रसिद्ध पौराणिक मंदार मेला कोविड प्रतिबंधों के कारण नहीं लग पाया। वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर सुरक्षा एवं फैलने से रोकथाम के प्रतिबंधों के कारण इस बार मेले का आयोजन नहीं किया गया। यहां लगने वाले बौंसी मेला सह मंदार महोत्सव के अवसर पर लाखों का कारोबार होता था। इस बार व्यापारियों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।

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