एंबुलेंस का ऑक्सीजन खत्म, नवजात की मौत:डॉक्टर व एएनएम पर लापरवाही का लगाया आरोप, चालक को बनाया बंधक

धाेरैया20 दिन पहले
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एंबुलेंस में प्रसूता और नवजात के साथ कर्मी। - Dainik Bhaskar
एंबुलेंस में प्रसूता और नवजात के साथ कर्मी।

बुधवार को धाेरैया अस्पताल मेें नवजात के जन्म लेने के बाद जच्चा व बच्चा की स्थिति काे नाजुक देखते हुए डाॅक्टराें ने भागलपुर रेफर कर दिया, लेकिन भागलपुर जाने से पूर्व ही नवजात की माैत हाे गयी है। जिसके बाद आक्राेशित परिजनाें ने एमटी व एम्बुलेंस चालक काे बंधक बना लिया है।

बताया जाता है कि धनकुण्ड थाना क्षेत्र के मकैता गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह की गर्भवती पत्नी चांदनी देवी बुधवार करीब आठ बजे अस्पताल पहुंची, जहां एएनएम माधवी ने महिला का चेकअप करते हुए करीब एक बजे के बाद प्रसव कराया, उसके बाद जज्जे-बच्चे की स्थिति खराब देख डॉ. साजिद ने दोनों को भागलपुर रेफर कर दिया।

धर्मेंद्र ने बताया कि करीब दो बजे धोरैया अस्पातल से एम्बुलेंस के माध्यम से भागलपुर के लिए चले, वहींं भागलपुर जाने के दौरान अस्पातल में डॉ. साजीद ने एम्बुलेंस में मौजूद ऑक्सीजन को चेक करते हुए बताया कि यहां से भागलपुर तक कोई परेशानी नहीं होगा, लेकिन अस्पातल से करीब 10 किलोमीटर जाने के उपरांत ही ऑक्सीजन खत्म हो गया।

इस दौरान एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी को कहने पर कहा कि बच्चे को ऑक्सीजन की जरूरत ही नहीं है। वहीं भागलपुर पहंुचने के उपरांत डॉ चंद्रकांत ने बच्चे को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वही लौटने के दौरान आक्रोशित परिजनों ने अपने गांव मकैता में ही एबुलेंस सहित चालक मृत्युंजय कुमार व इएमटी प्रिंस अमर को बंधक बना लिया।

मामला जांच का विषय है, परिजनाें के द्वारा एम्बुलेंस वाहन काे रखना बेहद गलत है, और भी मरीज अस्पताल में आते है, जिन्हें एम्बुलेंस की आवश्यकता हाेती है, मामला की जांच में दाेषी अगर काेई पाये जाएगें ताे उनके विरुद्ध कार्रवाई हाेगी।
डाॅ श्याम सुंदर दास, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी धाेरैया

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