दहशत:युवती सहित चार की संदिग्ध स्थिति में मौत कोरोना के डर से शव के पास भी नहीं गए लोग

बांका/ रजौन6 महीने पहले
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सदर अस्पताल में कोरोना की जांच कराते लोग। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में कोरोना की जांच कराते लोग।
  • बस स्टैंड में एक महिला व रजौन प्रखंड में युवती सहित चार लोगों की मौत
  • मरने वालों को ऑक्सीजन की कमी और सांस लेने में थी परेशानी

जिले में गुरुवार को चार लोगों की संदिग्ध अवस्था मौत हो गई। इनमें से तीन रजौन प्रखंड के हैं। जिसमें एक युवती भी शामिल हैं। वहीं एक की 52 वर्षीय महिला की बांका बस स्टैंड पर मौत हुई। जिनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। जब तक उनको अस्पताल पहुंचाया जाता तब तक उनकी स्थिति काफी दयनीय हो गई थी। उन्होंने दम तोड़ दिया। इन सभी के मौत पर स्थानीय लोग को कोरोना से मौत की आशंका है। इसलिए लोग शव के पास भी जाने से कतरा रहे थे। दूसरी से सभी शव को देख रहे थे। इस तरह की मौत से जिलेवासियों में एक दहशत व्याप्त हो गया है। इस तरह की मौत की वजह है 25 लाख की आबादी वाले इस जिले में प्राइवेट स्तर पर महज एक ही सिटी स्कैन सेंटर के संचालित है। इसकी भी जानकारी काफी कम लोगों के बीच है। इसलिए वे सुविधा से दूर रह जाते हैं और कई बार मामला मौत तक पहुंच जाता है। साथ ही जांच में भी कई बार एंटीजन एवं आरटी पीसीआर की जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव नहीं निकलने के बाद लंग्स इंफेक्शन बढ़ जाता है। सिटी स्कैन कराने पर पता चलता है कि कोरोना फेफड़े को खराब कर रहा है। ऑक्सीजन लेवल हो कम तो कराएं सिटी स्कैन| शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं अगर किसी व्यक्ति को कोरोना के सिम्टम्स होते हैं तो उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए। जांच के साथ-साथ अपना ऑक्सीजन लेवल भी लगातार मॉनिटरिंग करनी चाहिए, क्योंकि कई बार जांच में बीमारी पकड़ नहीं आती और मरीज का ऑक्सीजन लेवल कम होते जाता है। इसलिए वायरस लंग्स को संक्रमित करना शुरू करता है। इसलिए सिटी स्कैन में बेहतर रिजल्ट प्राप्त होता है और सटीक जानकारी मिल पाती है।

25 लाख की आबादी वाले बांका जिले में सिटी स्कैन की व्यवस्था सिर्फ एक
सरकारी स्तर पर सीटी स्कैन की कोई व्यवस्था सदर अस्पताल में नहीं है। जबकि प्राइवेट में सिर्फ एक सीटी स्कैन है, जिसकी जानकारी कम लोगों को है। चिकित्सकों द्वारा सीटी स्कैन की सलाह देने के बाद कई लोग भागलपुर तक दौड़ लगाते हैं। तब तक मरीज की स्थिति काफी गंभीर हो जाती है और उनकी जान तक चली जाती है। जिले में ऐसे कई लोगों की जान गई है, जिनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम होने के बाद अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी कोरोना जांच हुई। लेकिन रिपोर्ट निगेटिव मिली। जिसके बाद उन्हें भागलपुर रेफर किया गया। भागलपुर में जांच के क्रम में लंश इंफेक्शन की जानकारी मिली लेकिन तबतक मरीज की स्थिति काफी नाजुक हो गई थी। कई विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया है कि एंटीजन व आरटीपीसीआर से कोरोना पकड़ में नहीं आ रहा है। इसके लिए सिटी स्कैन जरूरी है।

मरने वाले मोरामा, राजावर व रजौन बाजार के थे

रजौन प्रखंड के मोरामा व राजावर गांव में बीमार दो व्यक्ति सहित रजौन बाजार के एक बीमार युवती की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। वहीं आसपास के लोगों ने आशंका जाहिर की है कि उक्त लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से ही हुई है। मौत के बाद लोग कोरोना के भय से स्थानीय लोग शव को देखने तक नहीं जा रहे हैं। इधर रजौन बाजार निवासी एक युवती कई दिनों से बीमार थी। बीते बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते पूरे सांस लेने में समस्या होते देखकर आनन-फानन में भागलपुर रेफर कर दिया। रास्ते में ही युवती की मौत हो गई। मौत की खबर के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रजौन प्रखंड क्षेत्र में करीब एक दर्जन व्यक्ति की मौत संदिग्ध अवस्था में हो चुकी है।

शंभूगंज में 12 साल की बच्ची समेत तीन संक्रमित

शंभूगंज| गुरुवार को सीएचसी में तीन लोग पॉजिटिव मिले हैं। संक्रमित कुर्माडीह, करसोप एवं गोयड़ा गांव के हैं। एक 12 साल की एक बच्ची भी संक्रमित हैं। सर्दी-जुकाम होने पर लोग इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। जहां रैपिड एंटिजन कीट के माध्यम से जांच की गई।

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