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आस्था:कृष्ण जन्माष्टमी 11 काे, काेराेना संक्रमण से बचाव को इस बार मंदार मंदिर में नहीं होगा भव्य अायाेजन

बांका/बौंसीएक महीने पहले
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भगवान मधुसूदन
  • मंदार मधुसूदन मंदिर में सामान्य दिनों पर होता था भव्य आयोजन, पर इस बार नहीं

कृृष्ण जन्माष्टमी हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी काे मनाई जाती है। इस साल 11 अगस्त व 12 अगस्त काे दाे दिन देखने काे मिल रहा है। हालांकि मंदार मधुसूदन मंदिर में 11 अगस्त काे जन्माष्टमी मनाई जाएगी। जिसकाे लेकर जिलेवासी भी 11 काे पर्व मनाएगें। वही काेराेना महामारी काे लेकर इस बार जन्माष्टमी में भव्य अायाेजन नहीं किया जाएगा। सरकारी तौर पर इसे स्थगित कर दिया गया है। मंदिर में परंपरा जीवंत रखने के लिए स्थानीय पुजारियों एवं श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान मधुसूदन के इस जन्मोत्सव को सांकेतिक तौर पर मनाया जाएगा। मधुसूदन मंदिर के पंडित अवधेश ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष मंदार क्षेत्र में कृष्ण जन्माष्टमी व्रत अब 11 अगस्त को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि 6.22 के पश्चात ही प्रवेश होगी, जो रात्रि में पूर्ण योग है और बताया कि कालरात्रि महारात्रि और मोहरात्रि यतीन रात्रि अत्यंत ही शुभकारी सिद्धिकारी और शांति कारी है। संक्रमण से बचने के लिए सादगीपूर्ण तरीके से जन्माष्टमी मनेगी।

कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व

पंडित कैलाश झा ने बताया कि कृष्ण अष्टमी 11 अगस्त काे सुबह 9 बजकर 5 मिनट से शुरू हाेगा जाे 12 अगस्त काे 11 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण का जन्म हुआ था। भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था इसलिए इस तिथि का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन लोग व्रत, पूजन और उत्सव मनाते हैं। कहीं भगवान की पालकी सजाई जाती है तो कहीं झांकी निकाली जाती है। लेकिन इसबार कोरोना और लॉकडाउन के कारण सभी लोग अपने-अपने घरों में ही भगवान कृष्ण की पूजा करेंगे।

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