डायरिया का कहर:टेराजोल गांव में डायरिया के प्रकोप से एक दर्जन से भी अधिक लोग पीड़ित

बेलहर2 महीने पहले
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एक ही परिवार के तीन लोगों को सलाइन चढ़ाते हुए स्थानीय चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
एक ही परिवार के तीन लोगों को सलाइन चढ़ाते हुए स्थानीय चिकित्सक।
  • घर पर ही किया जा रहा है डायरिया पीड़ितों का इलाज

प्रखंड अंतर्गत लौढ़िया पंचायत के कैराजोर गांव में डायरिया से करीब डेढ़ दर्जन लोग आक्रांत है। सभी पीड़ितों का इलाज घर पर ही स्थानीय चिकित्सक के द्वारा कराया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सूचना के बाद भी गांव में जाकर सिर्फ डीडीटी का छिड़काव किया है। जबकि पीड़ित परिवारों को स्लाइन का बोतल थमा दिया। डायरिया के शुरुआत के 5 दिनों पूर्व एक ही परिवार के अमन कुमार 6 वर्ष एवं आयुष कुमार ढाई वर्ष से हुई। दोनों का संग्रामपुर स्थित प्राइवेट क्लिनिक में इलाज के बाद ठीक हुआ। देखते ही देखते एक ही परिवार के वासुदेव यादव 45 वर्ष, चंपा देवी 70 वर्ष, नंदन कुमार 12 वर्ष, रितिया देवी 40 वर्ष, सविता देवी 50 वर्ष, राजेश यादव 24 वर्ष, दूसरे परिवार के शांति देवी 60 वर्ष बबीता देवी 29 वर्ष, तीसरे परिवार के जालो यादव 60 वर्ष, चांदनी कुमारी 15 वर्ष, ब्यूटी कुमारी 16 माह, चौथे परिवार के चिंतामन यादव 35 वर्ष, सरिता देवी 30 वर्ष एवं पांचवें परिवार के अरविंद यादव 30 वर्ष, रूबी देवी 25 वर्ष तथा आर्यन कुमार साढ़े 3 वर्ष को डायरिया ने अपने आगोश में ले लिया। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि यह बीमारी और भी अन्य घरों में बढ़ते जा रही है। लोगों ने कहा कि अचानक लोगों को उल्टी व शौच होने लगता है, और धीरे-धीरे वह अचेत होने लगता है, जिसको लेकर ग्रामीण काफी चिंतित हैं।

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