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मधुमक्खियों के हमले में उजड़ा परिवार:पति की मौत के नौ घंटे बाद पत्नी ने दम तोड़ा एक ही चिता पर हुआ दंपती का अंतिम संस्कार

चांदन13 दिन पहले
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चिता पर भी साथ-साथ: अर्थी पर मधुमक्खियों के हमले में जान गंवाने वाले भरत पंडित और उनकी पत्नी जमनी देवी। - Dainik Bhaskar
चिता पर भी साथ-साथ: अर्थी पर मधुमक्खियों के हमले में जान गंवाने वाले भरत पंडित और उनकी पत्नी जमनी देवी।
  • सुपाहा गांव में मकई तोड़ने गए परिवार पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक किया था हमला
  • परिवार के अन्य तीन सदस्यों का चल रहा इलाज, इनमें से एक का हाथ सूजकर पड़ा काला, दर्द भी असहनीय

प्रखंड क्षेत्र के बिरनिया पंचायत के सुपाहा गांव में मधुमक्खी के काटने से 65 वर्षीय एक वृद्ध की मौत के 9 घंटे बाद उनकी पत्नी की भी मौत हो गई। मृत दंपती का दाह संस्कार सुपाहा के श्मशान घाट पर एक ही चिता पर किया गया। एक ही चिता पर पति-पत्नी के अंतिम संस्कार को देखने काफी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और उपस्थित परिजनों व ग्रामीणों ने नम आंखों से वृद्ध दंपती को अंतिम विदाई दी। ज्ञात हो कि बीते सोमवार की दोपहर भरत पंडित अपनी पत्नी जमनी देवी सहित परिवार के आधा दर्जन सदस्यों के साथ मकई तोड़ने गांव के बगल स्थित मुस्लिम बहियार गए थे। मकई के खेत में घुसते ही मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने पूरे परिवार पर अचानक हमला बोल दिया था। चिखने चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग वहां पहुंचे तो जरूर थे लेकिन मधुमक्खियों के आतंक को देखकर सभी लोग काफी देर तक दूर ही खड़े रहे। मधुमक्खियों के झुंड के वहां से हटने के बाद सभी जख्मियों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चांदन पहुंचाया गया था।

अस्पताल में बच्चे का चल रहा इलाज।
अस्पताल में बच्चे का चल रहा इलाज।

अस्पताल पहुंचने के पहले ही वृद्ध ने दम तोड़ दिया था
इधर अस्पताल पहुंचने के पूर्व ही वृद्ध भरत पंडित ने दम तोड़ दिया था। जबकि गंभीर रूप से जख्मी जमनी देवी को प्राथमिक इलाज के बाद देवघर रेफर कर दिया गया था और अन्य जख्मी ललिता देवी, अजय पंडित, दामोदर पंडित, मालती देवी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चल रहा था। इलाज के बाद जख्मी जमनी देवी को शाम 7 बजे वापस गांव लाया था। जबकि अन्य जख्मियों को भी घर ले आया गया था लेकिन रात 11 बजे फिर से सभी जख्मियों की एक साथ अचानक तबीयत खराब हो गई। ऐसे में परिजन और ग्रामीण काफी घबरा गए।

सुपाहा श्मशान घाट का नाम सती घाट रखने की घोषणा
सोमवार रात करीब 11 बजे अचानक सभी जख्मी की तबीयत बिगड़ने पर लोग एक बार फिर देवघर ले जाने की तैयारी में ही जुटे थे कि जमनी देवी ने तोड़ दिया। शेष अन्य लोगों को इलाज के लिए देवघर ले जाया गया, जहां सभी का अभी भी इलाज चल रहा है। मधुमक्खियों के हमले से परिवार के एक साथ दो सदस्यों की मौत और तीन लोगों के इलाजरत रहने की घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। प्रखण्ड जदयू अध्यक्ष दीपक भारती, जदयू नेता अरविन्द पाण्डेय एवं पंचायत के निवर्तमान मुखिया नरेश पंडित ने दिवंगत दंपती के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। वहीं एक ही चिता पर दंपती के एक साथ अंतिम संस्कार करने पर मौके पर जुटे ग्रामीणों और संबंधियों ने जहां नम आखों से वृद्ध दंपति को विदाई दी। वहीं सुपाहा श्मशान घाट का नाम सती घाट रखने की घोषणा की है।

मधुमक्खी के काटने से इलाजरत परिवार का सदस्य।
मधुमक्खी के काटने से इलाजरत परिवार का सदस्य।

मधुमक्खी के काटने से डंक फंसा रहता है
एक-दो मधुमक्खी के काटने से मौत नहीं हो सकती है। झुंड में मधुमक्खी काट ले तो उसका डंक शरीर में फंसा रहता। ऐसे में लोगों को स्वेलिंग हो जाता है। लोग डिहाईड्रेशन के शिकार हो जाते हैं। लोगों को घबड़ाना नहीं चाहिए, अविलंब डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. सुनील कुमार चौधरी, प्रभारी पीएचसी, बांका

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