पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

तैयारियां पूरी:जिले में 96 हजार हेक्टेयर में होगी धान की खेती, 4 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य

बांका4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • धान के उत्पादन का लक्ष्य प्रखंडों को आवंटित, किसानों को किया जाएगा प्रशिक्षित

जिले में लॉकडाउन के कारण इस बार गेहूं की कटाई में देरी हुई है। अब कृषि विभाग धान और खरीफ फसलों की बुआई में देरी नहीं करना चाहता है। किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। खेतों की जुताई शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में धान व अन्य खरीफ फसलों की बुआई 96000 हेक्टेयर में की जाएगी। चार लाख मैट्रिक टन धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। प्रखंडों को लक्ष्य का आवंटन किया गया है।  लक्ष्य निर्धारण के बाद विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस वर्ष विशेष अभियान में श्री विधि से धान की खेती पर अधिक जोर दिया जाएगा। विभाग की मानें तो श्री विधि द्वारा धान की खेती से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज की जा सकती है। किसानों को अच्छी प्रजाति की उपजशील धान की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि जिले में वर्तमान वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड धान का उत्पादन हो सके। किसानों को बाकायदा प्रशिक्षित करने की तैयारियां की गईं हैं, ताकि बेहतर तरीके से प्रशिक्षण पाकर किसान उन्नत खेती कर सके।

नर्सरी तैयार करने का तरीका
एक एकड़ जमीन के लिए दो किलोग्राम बीज लें। तैरते हुए बीज को निकाल कर फेंक दें, क्योंकि वह खराब है। स्वस्थ बीजों से नमक को हटाने के लिए साफ पानी से धोएं। कार्बेंडाजाईम से बीज को उपचारित करें। जमीन से चार इंच ऊंची नर्सरी तैयार करें, जिसके चारों ओर नाली हो।

खेती की तैयारी में उचित लाइन का करें प्रयोग
खेती की तैयारी परंपरागत तरीके से की जाती है। केवल इतना ध्यान रखा जाता है कि जमीन समतल हो। पौधरोपण के 12 से 24 घंटे पूर्व खेत की तैयारी करके 1 से 3 सेंटीमीटर से ज्यादा पानी खेत में नहीं रखा जाता है। पौधरोपण से पहले खेत में 10 इंच की दूरी पर निशान लगाया जाता है। पौधे के बीच उचित लाइन बना ली जाती है, इससे निशान बनाने में आसानी होती है। निशान लगाने का काम पौधरोपण से 6 घंटे पूर्व किया जाता है।
धान की फसल लगाने से पहले ढेंचा व मूंग की खेती पर जोर दे रहे किसान
डीएओ सुदामा महतो ने बताया कि अच्छे उत्पादन के लिए हरी खाद का प्रयोग अधिक से अधिक मात्रा में करने पर दो जोर दिया जा रहा है। इसके लिए किसान सलाहकारों व कृषि समन्वयकों की मदद ली जा रही है। कृषि विभाग किसानों को धान की फसल लगाने के पूर्व ढेंचा व मूंग की खेती पर जोर दे रहा है। डीएओ ने बताया कि धान व खरीफ फसल की बुआई की तैयारी की जा रही है। विभाग द्वारा जिले का लक्ष्य तय किया गया है। धान की फसल बेहतर हो इसके लिए किसानों को जानकारी दी जा रही है। इस वर्ष भी श्री विधि से सीधी बुआई कर धान की फसल उपजाई जाएगी।

35 हजार परिवारों काे अात्मनिर्भर याेजना के तहत मिलेगा खाद्यान्न
काेराेना आपदा के दाैरान केंद्र सरकार लाेगाें काे आत्मनिर्भर खाद्यान्न याेजना के तहत लाभान्वित करने का प्रयास कर रही है। एेसे में जिन परिवाराें के समक्ष पात्रता हाेने के बावजूद राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, उन्हें इस याेजना के तहत सरकार खाद्यान्न उपलब्ध कराएगी। जिसके जरिए जिले में करीब 35 हजार लाभुक एेसे हैं, जाे पात्रता रखते हुए भी राशन कार्ड से वंचित हैं। इन्हें अात्मनिर्भर खाद्यान्न याेजना के तहत पांच-पांच किलाेग्राम प्रति व्यक्ति अनाज दिया जाएगा।

एसडीएम मनाेज चाैधरी ने बताया कि जिले में करीब 35 हजार लाेग हैं, जाे पात्रता रखते हुए भी राशन कार्ड से वंचित हैं। इसका कारण यह भी है कि इनमें से ज्यादातर लाेग प्रवासी हैं। इन्हें इस याेजना के तहत खाद्यान्न दिया जाएगा। इस याेजना से एेसे परिवार के प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से पांच-पांच किलाेग्राम चावल दिया जाएगा। साथ ही उन्हाेंने बताया कि इस माह राशन कार्डधारियाें काे एक-एक िकलाेग्राम दाल भी दी जाएगी। जिले के तीन लाख 54 हजार राशन कार्डधारियाें काे दाल देने काे लेकर अावंटन अा चुका है।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- समय की गति आपके पक्ष में रहेगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। पिछले कुछ समय से चल रही किसी समस्या का समाधान मिलने से राहत मिलेगी। कोई बड़ा निवेश करने के लिए समय उत्तम है। नेगेटिव- परंतु दोपहर बाद परिस...

और पढ़ें