सतर्क रहे:कोरोना से कपड़ा व्यवसायी, शिक्षक सहित तीन ने गंवाई जान, मौत का आंकड़ा पहुंचा 50 के पार

बांका6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • टेक्नीशियन की कमी की वजह से सदर अस्पताल में अब तक शुरू नहीं हो पाया वेंटिलेटर सुविधा

जिले में कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों में लगातार इजाफा होने से लोगों में दहशत है। कोरोना से मरने वाले की संख्या 50 के पार पहुंच गया है। ऐसा कोई दिन नहीं, जिस दिन किसी व्यक्ति की मौत कोरोना से नहीं हो रही है। बुधवार को भी कोरोना से तीन लोगों की जान चली गई।

बाराहाट प्रखंड के सबलपुर गांव के 60 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद बौंसी रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच के बाद पता चला है कि व्यक्ति कोरोना से संक्रमित था। वहीं रजौन के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर के 49 वर्षीय शिक्षक की मौत कोरोना से हो गई।

बताया कि उन्हें बेहतर उपचार के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां पर उनकी मौत बुधवार को गई। कटाेरिया के सूइया राेड स्थित 62 वर्षीय कपड़ा व्यवसायी की माैत काेराेना से हाे गई। वह 4 दिन पूर्व संक्रमित हुए थे। बुधवार सुबह उनको सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिजन अस्पताल लेकर गये। जहां ऑक्सीजन लगाने के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गयी। वह घर वापस लौट गये।

वहीं दोपहर बाद उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। जब तक परिजन कुछ समझ पाते तबतक उनकी मौत हो गयी। इधर बांका शहर के भाजपा मंडल अध्यक्ष के भाई की मौत संदेहास्पद स्थिति में बांका सदर से भागलपुर ले जाने के क्रम में हो गयी। बताया गया कि उनकी रिपोर्ट तो एंटीजन किट में निगेटिव आई, लेकिन उनमें कोरोना के सभी लक्षण मौजूद थे। उनका लंग्स पूरी तरह से संक्रमित हो चुका था। जिसकी वजह से उनका ऑक्सीजन लेवल काफी नीचे आ गया था।

चार वेंटिलेटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा

सदर अस्पताल में पीएम केयर्स फंड से पिछले वर्ष में चार वेंटिलेटर उपलब्ध कराया गया था, लेकिन उसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि यहां अब तक टेक्नीशियन ही मौजूद नहीं है। विभागीय लापरवाही की वजह से सदर अस्पताल में वेंटिलेटर तो लगा दिया गया, जो कुछ कमी वेंटीलेटर में थी, उसे भी ठीक करा लिया गया। इन सब के बावजूद टेक्नीशियन की कमी की वजह से रोजाना मरीजों को मायागंज अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

जहां कई मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो रहा है और समुचित इलाज के अभाव में उनकी मौत हो रही है। सर्वाधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि बांका में वेंटिलेटर रहने के बावजूद भी मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। सदर अस्पताल के मैनेजर अमरेश कुमार ने बताया कि टेक्नीशियन नहीं रहने की वजह से वेंटिलेटर चालू नहीं हो पा रहा है, वेंटिलेटर वार्ड में लगा हुआ है। टेक्नीशियन उपलब्ध होते ही उसे चालू कर दिया जाएगा।

खबरें और भी हैं...