उत्साह:तिलक लगा कर भाई की लंबी उम्र की कामना

बांका25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
भाई की आरती उतारती बहन। - Dainik Bhaskar
भाई की आरती उतारती बहन।
  • बहनों ने चावल के आटे से चौका बनाकर भाई को बैठाया और उतारी आरती

कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी शनिवार को भाई दूज के पर्व को धूमधाम से मनाया गया। पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शृंखला का अंतिम पर्व के रूप में मनाया जाता है। बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। बहनों ने चावल के आटे से चौका बनाकर इस पर भाई को बैठाकर पूजा किया। हिंदू समाज में भाई बहन के अटूट प्रेम में भैया दूज और रक्षाबंधन का विशेष महत्व होता है। भाई दूज भी रक्षाबंधन की तरह त्योहार है। भाई दूज के दिन बहनें सुबह घर में भगवान गोवर्धन को स्मरण किया। इस दौरान अपने भाई के दीर्घायू हाेने की मंगल कामना की। उसके बाद एक जगह पर बनाए गए गोवर्धन भगवान के पास जाकर मंगल गीत गाते हुए अन्नकुट किया गया। भाई बहन के पवित्र गीत- संगीत से पूरा माहौल गुंजायमान हो उठा। शास्त्राें के अनुसार भाई दूज के लिए यमराज अपनी बहन यमुना के घर तिलक कराने गए थे। ऐसा कहा जाता है कि यमराज अपनी कार्यों के व्यस्तताओं के कारण बहन से मिलने नहीं जा पाते थे। जो इस दिन अपनी बहन के घर पहुंच गए थे। पूजन के समय बहन ने भी यमराज को देख कर भैया दूज पर्व मनाया था।

सूईया में मां काली की प्रतिमा का किया विसर्जन

कटोरिया | सूईया मंदिर में स्थापित मां काली की प्रतिमा का विसर्जन शनिवार को गाजे बाजे के साथ धूमधाम से संपन्न हो गया। मंदिर में स्थापित मां काली की प्रतिमा का भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मौके पर पूजा समिति सदस्यों ने ट्रैक्टर पर मां काली की प्रतिमा को विराजमान कराकर गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाला जो सूईया बाजार का भ्रमण करते हुए घुठिया के निकट रेवा बांध तक गयी। विसर्जन यात्रा के दौरान जगह जगह सुहागिनों ने मां के चरणों में सिंदूर अर्पित करते हुए खोइंचा भराई की रस्म पूरी की। विसर्जन के दौरान विधि व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष देवेन्द्र राय लगे रहे। विसर्जन यात्रा में पूजा समिति के सदस्यों सहित समाज के कई बुद्धिजीवी एवं गण्यमान्य लोग शामिल थे।

खबरें और भी हैं...