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आकस्मिक निधन:न्यायिक समस्याओं पर बेहिचक वरीय से सलाह लिया करती थी अंगिरा कुमारी

बनमनखी22 दिन पहले
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न्यायायिक पदाधिकारी अंगिरा कुमारी के आकस्मिक निधन पर अधिवक्ता संघ बनमनखी के सभी अधिवक्ता एवं लिपिक न्यायिक कार्य से अपने को अलग रखते हुए दिन के 1:30 बजे अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर में एक शोकसभा आयोजित की। जिसमें न्यायालय कर्मी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सह मुंसिफ बनमनखी वीरेंद्र प्रसाद ने दिवंगत न्यायिक पदाधिकारी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व की विस्तृत चर्चा की और जानकारी दी कि दिवंगत अंगिरा कुमारी सौम्य एवं मृदुभाषी थीं।

23 अप्रैल 2019 को इन्होंने पूर्णिया व्यवहार न्यायालय में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के रूप में अपना योगदान था। इससे पूर्व वे मुंगेर सिविल कोर्ट में द्वितीय श्रेणी न्यायिक पदाधिकारी के रूप में अपना न्यायिक क्षेत्र में कैरियर की शुरुआत की थी। मुंसिफ ने यह भी बताया गया कि उनके न्यायिक समस्याओं पर बेहिचक वरीय पदाधिकारियों से जानकारी हासिल करने की कला ने समूचे व्यवहार न्यायालय पूर्णिया के समस्त न्यायिक पदाधिकारियों को अपना मुरीद बना रखा था। इसके बाद शोकसभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर स्वर्गीय न्यायिक पदाधिकारी के मृत आत्मा के शांति एवं सदगति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी वीरेंद्र प्रसाद,प्रशासन प्रभारी शिव नारायण जायसवाल

अन्य कर्मचारी ऋषिकेश साह, अशोक कुमार, नीरज कुमार, राजदेव, रोशन, लालबाबू के अलावा अधिवक्ता संजीव कुमार, डॉ कृष्णा कुमारी, सुनील कुमार सम्राट, राज कुमार, राजीव कुमार, कृष्ण कुमार सिंह, राकेश कुमार-1, विपेंद्र प्रसाद साह,जय चंद्र प्रसाद, हरेंद्र मिस्त्री, परशुराम यादव, उपेन्द्र साह, राकेश कुमार-2, मुरलीधर मिश्र, देवानंद राम, अशोक कुमार मंडल, राजेश कुमार, मनोज यादव, मनोज साह, शिव कुमार,ध्रुव कुमार आदि मौजूद थे।

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